ई-रिक्शा चालकों ने डीएम को बताई समस्याएं


हल्द्वानी: राष्ट्रीय मानवाधिकार और सामाजिक न्याय ब्यूरो व ई-रिक्शा चालकों ने ई-रिक्शा चालकों से हो रही अवैध वसूली व पुलिस उत्पीड़न को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि हल्द्वानी में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से केंद्र व राज्य सरकार द्वारा ई-रिक्शा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी को लेकर समाज के सभी वर्गों के बेरोजगार युवाओं द्वारा बैंक से ऋण लेकर ई-रिक्शा खरीदे गये हैं, जिससे वह अपनी रोजी रोटी संचालित कर रहे हैं।

इतना ही नहीं सभी ई-रिक्शाओं को परिवहन विभाग ने रजिस्ट्रेशन शुल्क लेकर परिचालन की अनुमति दी है। नगर सीमा का टैक्स नगर निगम द्वारा दो सौ रूपये प्रति रिक्शा लिया गया है। साथ ही पुलिस-प्रशासन द्वारा सभी चालकों का सत्यापन भी किया गया है। उनका कहना था कि ई-रिक्शा चालकों के पास सभी आवश्यक कागजात होने के बावजूद एक संगठन द्वारा 20 से 30 रूपए तक प्रतिदिन की पर्ची काटी जाती है और विरोध करने पर उनको डराया-धमकाया जाता है। जब पुलिस-प्रशासन से इसकी शिकायत की जाती है तो उन्हें कोई सहयोग नहीं किया जाता है।

ऑटो चालक भी ई-रिक्शा चालकों के साथ आये दिन अभद्रता करते रहते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।