शिक्षा अधिकारी नें किया कई स्कूलों का निरीक्षण


मसूरी: ग्रीष्म अवकाश के बाद विद्यालय खुलने के पहले दिन कुछ अध्यापकों द्वारा विद्यालय से बंक मारने की प्रथा को समाप्त करने के लिए जौनपुर उपखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा क्षेत्र के कई विद्यालयों का औचक निरिक्षण किया गया जिसमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय मुनोग बंद पाया गया जिस पर उपखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय के अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा और अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की बात कहीं। विद्यालय निरिक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में छात्र संख्या की कमी को जानने के लिए उपखंड शिक्षा अधिकारी यशवीर सिंह रावत अभिभावकों और गांव के लोगों से मिले और इसका कारण जाना कि ग्रीष्म अवकाश के बाद विद्यालय खुलने के पहले दिन बच्चे विद्यालय क्यों नहीं पहुंचे तो पता चला कि ग्रीष्म अवकाश के दौरान विद्यालय द्वारा दिया गया गृह कार्य पूर्ण न होने के कारण अध्यापको की डांट से बचने के लिए छात्र विद्यालय में नहीं पहुंचे हैं।

बच्चो की तलाश में रावत गांव के जंगल की और निकल पड़े जहां विद्यालय समय पर बच्चों द्वारा चारा, पत्ती लाने का काम किया जा रहा था रावत ने बच्चों से वार्ता की और प्रभावी सकारात्मक विचारों से अवगत कराया और विद्यालय के कार्य का महत्व समझाया। रावत की बातें सुनकर छात्र विद्यालय जाने के लिए तैयार हो गए और भविष्य में विद्यालय का काम ईमानदारी से करने का विश्वास दिलाया। रावत का कहना हैं कि सरकारी विद्यालयों में घटती छात्र संख्या को रोकने के लिए हमें छात्रों और अभिभावकों के साथ सामंजस्य बनाने की आवश्यकता हैं। शिक्षा का स्तर सुधारने और अध्यापकों को समय से विद्यालय खोलने और बंद करने, समयबद्ध करने के लिए वह निरंतर प्रयास करेंगे। अपनी कुशल कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले उपखंड शिक्षा अधिकारी यशवीर सिंह रावत द्वारा अपने कार्यालय के कर्मचारियों को समयबद्ध करने के लिए जून माह में बायोमेट्रिक लगाईं गई जिस कारण रावत को अपने कर्मचारियों और संगठन का विरोध भी झेलना पड़ा था।