धरने पर बैठे लोगों को बलपूर्वक उठाया


देहरादून: रायपुर क्षेत्र में स्थित शराब की दुकान खुलवाने के लिये आबकारी विभाग ने पुलिस फोर्स के साथ मिलकर आंदोलरनरत क्षेत्रवासियों को बल पूर्वक धरने से उठा दिया था। इतना ही नहीं दुकान को खुलवाने के लिये बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को रायपुर ठेके पास तैनात भी कर दिया गया था। इतना ही नहीं पुलिस ने आंदोलनरत लगभग 18 लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस लाईन भेज दिया था। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। लेकिन इस घटना से क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनप गया। उन लोगों ने महिलाओं की गिरफ्तारी के विरोध में आज धरना दिया। जिसे महानगर कांग्रेस कमेटी ने भी अपना समर्थन प्रदान किया। इस दौरान क्षेत्रावासियों ने तत्काल प्रभाव से रायपुर ठेके को शिफ्ट करने की मांग उठाई।

गौरतलब है कि रायपुर से शराब की दुकान हटवाने की मांग को लेकर महिलाएं लंबे समय से आंदोलन कर रही हैं। क्षेत्र से शराब के ठेके को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग को लेकर महिलाओं का ठेके के बाहर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था। इसी बीच सुबह 11.00 बजे आबकारी अधिकारी रायपुर थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने ठेके के सामने से धरना हटाने को कहा। इसी बीच महिलाओं और पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक शुरू हो गयी। मामले को बिगड़ता देख ठेके के बाहर पुलिस को तैनात कर दिया गया। संगीनों के साय में ठेके को खुलवाया गया। इस दौरान क्षेत्रावासियों व पुलिस कर्मियों के बीच हाथापाई भी हुई थी।

क्षेत्रवासियों के हंगामा करने पर पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस लाईन भेज दिया था। जहां शाम के समय सभी को छोड़ दिया गया। ग्राम प्रधान रायपुर राजेश कुमार का कहना है कि शराब की दुकान का संचालक जबरन यहां दुकान खुलवाने के लिये दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस के दमनात्मक कार्यवाही का क्षेत्रावासी पुरजोर विरोध् करते हैं। ठेके को हटाने के विरोध में महिलाओं और क्षेत्रवासियों का धरना किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। ग्राम प्रधान के ऐलान के तहत ही आज फिर दोबारा क्षेत्रवासियों ने शराब ठेके के विरोध में धरना दिया। समाजसेवी सुभाष शर्मा ने भी धरना दे रहे क्षेत्रवासियों को अपना समर्थन प्रदान किया और उनके समर्थन में धरना दिया। इसी बीच महानगर कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी महेश जोशी भी मौके पर पहुंचे।

– सुनील तलवाड़