धरने पर बैठे 80 ग्रामीणों को जबरन उठाया


नई टिहरी: पूर्ण विस्थापन की मांग को लेकर टिहरी बांध की झील की जद में धरना दे रहे बांध प्रभावित तल्ला उप्पू के करीब 80 ग्रामीणों को पुलिस ने जबरन उठाकर गिरफ्तार करते हुए धरना हटवा दिया, भारी बारिश के चलते धरना स्थल तक झील का जलस्तर पहुंचने के बावजूद ग्रामीण धरने पर डटे हुए थे।

विशालकाय टिहरी बांध की झील 42 वर्ग किमी में फैली टिहरी बांध की झील के आएल 780 मीटर पर धरना दे रहे तल्ला उप्पू के ग्रामीणों का कहना है कि उनके घर सहित समस्त उपजाऊ कृषि भूमि टिहरी बांध की झील में 2005 में टिहरी बांध की झील में जल भराव में समा गई थी, जिससे ग्रामीणों के पार बंजर पड़ी भूमि रह गई है जो पूरी तरह से जंगल में तब्दील हो गई है।

जिससे ग्रामीण वर्ष 2005-06 से ही सरकार से पूर्ण पुनर्वास करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन पुनर्वास निदेशालय राष्ट्रहित में अपनी उपजाऊ भूमि देने वाले ग्रामीणों की समस्या की अनदेखी करता आ रहा है। भारी बारिश के चलते धरने स्थल के समीप बांध की झील का जलस्तर पहुंचने से चिंतित जिला प्रशासन ने उपजिलाधिकारी टिहरी चतर सिंह चौहान व थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा को धरना स्थल पर भेजकर बांध प्रभावित ग्रामीणों से धरना समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि पुर्नवास निदेशाल द्वारा भवन निर्माण सहायता के रूप में पूर्व में दिये गये 60 हजार के अलावा 4 लाख 40 हजार और ग्रामीण परिवारों को देने का आश्वासन दिया परन्तु ग्रामीणों का कहना था कि वर्षों से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और अब वे अपनी पूर्ण विस्थापन की मांग पर ठोस पहल के बाद ही धरना आन्दोलन स्थगित करेंगे अन्यथा की स्थिति में वे झील का जलस्तर बढऩे पर भी धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे चाहे उन्हे जल समाधि ही क्यों न लेनी पड़े। ग्राम प्रधान नरेन्द्र राणा ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पुर्नवास निदेशक हरेला कार्यक्रमों को जा रही हैं जबकि राष्ट्रहित में त्याग करने वाले बांध प्रभावितों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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भारी बारिश के चलते धरना स्थल तक टिहरी बांध झील का जलस्तर पहुंचने के बावजूद ग्रामीण धरने पर डटे हुए थे
पूर्ण विस्थापन की मांग को लेकर टिहरी बांध की झील की जद में धरना दे रहे हैं बांध प्रभावित