साढे़ चार करोड़ कांवड़ियों ने गंगाजल भरा


हरिद्वार: शुक्रवार तक डाक कांवड़ियों की भारी भीड़ ने शहर पर कब्जा करके रखा, शाम चार बजे तक के पुलिस के आंकड़ों के हिसाब से हरिद्वार में गंगाजल लेने आने वाले कांवड़ियों की संख्या साढे़ चार करोड़ के पास पहुंच गई  थी। शुक्रवार देर शाम तक कांवड़िये अपने-अपने शिवालयों में जलाभिषेक किया। दस जुलाई से शुरू होकर 12 दिनों तक कांवड़ मेले के दौरान विभिन्न दुर्घटनाओं में 33 कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि 67 गंभीर घायल हो गए। इस दौरान कांवड़ियों की उत्साही भीड़ ने आखिर के दो दिन शहर में हाउस अरेस्ट की स्थिति पैदा कर दी।

स्कूलों में हफ्ते से ज्यादा की छुट्टियां हो गई, बड़े वाहनों के आवागमन को तीन पहले से बंद कर दिए जाने की रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दामों में तेजी रही। साथ ही इसका असर बसों के सामान्य संचालन पर भी पड़ा, रोडवेज बस स्टेशन को अस्थाई रूप से रेलवे रोड से हटाकर ऋषिकुल मैदान शिफ्ट करना पड़ा, इसका असर यात्री संख्या पर भी पड़ा। कई बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ तो कुछ रूट पर बसों का संचालन बंद हो गया।

गत गुरुवार को इसके चलते रानीपुर मोड़ बाजार पूरी तरह से और ज्वालापुर बाजार आंशिक रूप से बंद रहा। तमाम मौकों पर व्यवस्था संभालने को साढ़े चार हजार पुलिसकर्मियों की तादाद कांवड़ियों की भीड़ के सामने कम पड़ती नजर आई।

इसके चलते कई जगहों पर पुलिस के स्थानीय नागरिकों और कांवड़ियों की झड़प भी हुई पर, बात बिगड़ने से पहले ही मामला संभाल लिया गया। इस बाबत एक अधिकारी ने बताया कि शाम तक गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की संख्या साढ़े चार करोड़ के पास पहुंच गई थी।