सामुदायिक भवन बनाएगा गायत्री परिवार


हरिद्वार: पीड़ितों की सेवा के लिए समर्पित संस्था शांतिकुंज ने गुजरात के बनासकांठा के डीसा क्षेत्र के दामा व वडावल गांव में सामूदायिक भवन बनायेगा। यहां जरूरतमंद लोग आश्रय ले सकते हैं। इस आशय का निर्णय शांतिकुंज परिवार ने लिया है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य प्रगति पर है। प्रभावित परिवारों को राशन, कपड़े व अन्य जरूरी सामाग्री वितरित करने में गायत्री परिवार के सैकड़ों लोग जुटे हैं। शांतिकुंज व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा ने बताया राजस्थान में शांतिकुंज प्रतिनिधि विष्णु मित्तल, सुखदेव अनघोरे व हरिराम सुथार की टीम सिरोही व जालौर जिले के प्रभावित गांवों में पैदल व नावों से कई किमी की दूरी तय कर पीड़ित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी है। टीम प्रातःकाल से प्रभावित गांव के लिए अपने पीठ व नाव के माध्यम से राहत सामान लेकर निकलती है। सांचोर, किलवा, बावरला,  ददूसन, कोटड़ा, गोगनाड़ी, सिसावा सहित दर्जन भर गांवों में दो सौ से अधिक युवाओं की टीम जुटी हैं।

उन्होंने बताया कि गुजरात में श्री राकेश जायसवाल की टीम ने बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बनासकांठा जिले के धानेरा, कांकरेज, थराद, वाव, राघनपुर तहसील के कई गाँवों में सेवा कार्य में 350 से अधिक युवा जुटी है। जायसवाल के अनुसार समाचार लिखे जाने तक दस हजार राशन किट, एक लाख फूड पैकेट, पांच हजार सेट कपड़े सहित अन्य राहत सामग्री पीड़ित परिवारों को दी जा चुकी हैं। डॉ. भीखू भाई पटेल के नेतृत्व में मेडिकल टीम शारीरिक परीक्षण कर दवाइयां भी दे रही है। उन्होंने बताया कि संस्था प्रमुख शैलदीदी ने गुजरात के बनासकांठा के क्षेत्र में सामूदायिक भवन बनाने का निर्देश दिया है। पीड़ितों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करते हुए संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी एवं प्रवास से लौटे गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि स्थिति सामान्य होने तक गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ता सेवा कार्य जुटे रहेंगे।