उत्तराखंड में चीनी सैनिकों की घुसपैठ को तूल नहीं देगी सरकार


सरकार ने उत्तराखंड में चमोली जिले के बाराहोती में गत सप्ताह चीनी सेना की घुसपैठ को अधिक तूल नहीं देने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा की पूर्व संध्या पर 26 जुलाई को हुई इस घुसपैठ के बारे में पूछे जाने पर कहा कि ऐसी घटनायें पूर्व में भी अनेक बार हुई हैं लेकिन उन्हें स्थानीय स्तर पर आराम से सुलझा लिया गया।

इसलिए ऐसी घटनाओं को बहुत तूल देने की जरूरत नहीं है। उधर सेना ने चीनी सेना की घुसपैठ की रिपोर्टों को गलत बताया है। उसका कहना है कि इस क्षेत्र में सीमा का निर्धारण नहीं होने के कारण सैनिक कभी-कभी एक दूसरे की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। पर रक्षा सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा की पूर्व संध्या पर 26 जुलाई को कुछ चीनी सैनिक उत्तराखंड के बाराहोती क्षेत्र में घुस आए थे।

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लेकिन भारतीय जवानों के प्रतिरोध के बाद चीनी सैनिक वापस लौट गए हालांकि वे इस क्षेत्र में दो घंटे तक रहे। दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र का कुछ हिस्सा विवादास्पद है और इस क्षेत्र में भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवान तैनात हैं। सिक्किम के निकट भारत, भूटान और चीन से लगते ट्राई जंक्शन क्षेत्र में भारतीय सैनिकों द्वारा चीनी सेना की सडक बनाने की कोशिशों को नाकाम किए जाने के बाद से वहां पिछले एक महीने से भी अधिक समय से गतिरोध बना हुआ है और भारतीय सैनिक इस क्षेत्र में तैनात हैं।

उल्लेखनीय है कि डोभाल ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए 27 जुलाई को चीन गए थे। उन्होंने इस कार्यक्रम से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी।