बाघों के संरक्षण के लिए लैंसडौन को सम्मान


कोटद्वार: बाघों के संरक्षण और सुरक्षा मानकों की दिशा में कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड (कैट्स) के मानकों पर देशभर में नंबर वन रहने के लिए वन विभाग के लैंसडौन वन प्रभाग को प्रशास्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। राज्य के वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, पीसीसीएफ डीवीएस खाती व डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन से कैट्स का प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।

इस दौरान वन मंत्री डॉ. रावत ने केंद्रीय मंत्री से प्रतिपूरक वनीकरण निधि नियमावली 2017 के अंतर्गत राज्य को भूमि जल संरक्षण कार्य, मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने आदि को इस नियमावली में शामिल करने का अनुरोध किया।
उत्तराखंड देश में नंबर वन ः वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि लैंसडौन वन प्रभाग देश का पहला ऐसा वन क्षेत्र बन गया है जो कैट्स के मूल्यांकन में खरा उतरा है। वहीं लैंसडौन वन प्रभाग पूरे दुनिया में संरक्षित क्षेत्रों के बाहर के क्षेत्रों में पहला कैट मानकीकृत क्षेत्र हो गया है।

हरक ने कहा कि बाघांे के संरक्षण में राज्य वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाता है। 340 बाघों के साथ क्षेत्रफल के अनुपात में बाघों की संख्या के मामले में उत्तराखंड देश का नंबर एक राज्य है। बाघों की गणना के 2016-17 के नए आंकड़ों के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व में करीब 208 विशिष्ट बाघ एवं राजाजी टाइगर रिजर्व में कम से कम 34 विशिष्ट बाघों की पहचान की गई है।