अवैध खनन कर रहे लोगों को खदेड़ा


सितारगंज: ग्राम उकरौली में कैलाश नदी पर बाढ़ से बचाव को चल रहे रीवर ट्रेनिंग का कार्य करने वाले लोग भी रेता बजरी के अवैध खनन में लिप्त है। इससे भड़के ग्रामीणों ने नदी में चल रही पोकलैंड मशीनाें को खदेड़ कर खाईयां खोद दी, ताकि वाहन नदी में न जा सकें। खनन क्षेत्र में खनन विभाग के कर्मियों ने छापा मारा तो वाहन चालक रेता बजरी फेंककर फरार हो गये। इधर गुस्साये ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। औद्योगिक पार्क से सटी कैलाश नदी से हर वर्ष रेता बजरी का खनन किया जाता है। खनन के लिए जिन्हें पट्टे दिये गये थे।

उन्होंने ही नियमानुसार खनन नहीं किया। अब बाढ़ से बचाव के लिए नदी में लाइनिंग करने के लिए रिवर ट्रेनिंग के तहत पट्टे दिये गये हैं। जिन्हें पट्टे दिये गये हैं। उन्होंने नदी में पोकलैंड मशीनें लगा दी है। चूंकि मशीनाें से अनियोजित तरीके से खनन किया जा रहा है। इधर अनियोजित तरीके से खनन किये जाने से नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीण भड़क उठे।

उन्होंने नदी में जाकर वहां लगाई गई छह पोकलैंड मशीनाे को नदी से बाहर निकालकर खाई खोद दी ताकि वाहन नदी में न जा सकें। बाद में ग्रामीणों ने मंदिर के पास प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पूर्व में हुये खनन के दौरान ही अवैध खननकर्ताओं ने 3-4 मीटर तक नदी खोद दी हैं। अब वहीं पोकलैंड से खोदा जा रहा है। उनका कहना था कि बाढ़ से बचाव की योजना के तहत वहीं खुदान किया जा रहा है जहां रेता बजरी निकल रहा है। ऐसे में नदियों के किनारे व वन भूमि को भी खोदा जा रहा है।

उन्होंने आशंका जताई कि इससे बरसात में बाढ़ का खतरा और बढ़ जायेगा। बाद में उपजिलाधिकारी विनोद कुमार, तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल, चौकी प्रभारी विनोद जोशी ने सिडकुल चौकी में ग्रामीणों से वार्ता की। जिसमें ग्रामीणों ने नदी में पोकलैंड मशीन किसी भी हालत में न चलने देने की बात कही। वार्ता व प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान परमजीत कौर, पूर्व प्रधान मदनलाल, उप प्रधान राजेन्द्र कुमार, बीडीसी सदस्य देबू कन्याल, सर्वधर्म सेवा समिति के अध्यक्ष मनोज तिवारी, राजवीर सिंह, रामकुमार, जसवंत सिंह, हीरा सिंह, राजेश, गुड्डू, विजय डसीला आदि शामिल थे।

– रमेश यादव