हरिद्वार में जाम: प्रशासन के पास नहीं कोई प्लान


हरिद्वार: जिला प्रशासन से अभी तक हरिद्वार में वीकेंड पर बढ़ने वाले यातायात जाम से निपटने को कोई यातायात प्लान तैयार नहीं हुआ है, जिसके चलते यहां आने वाले तीर्थयात्रियों के साथ- साथ स्थानीय लोगों को भी घंटों जाम में फंसकर अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंचना पड़ रहा है, जिसके चलते ऐसे नाकाम तंत्र के प्रति खासा रोष है। शहर की सड़कों पर चलने वाला कारोबार जाम लगने में अहम रोल निभाता है, क्योंकि इससे सड़कें संकरी हो जाती हैं, नतीजतन हर रोज जाम के कारण हर किसी को परेशानी का सामना करना पड़ता है, बावजूद इसके प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता। हर बार प्रशासन अतिक्रमण अभियान ताे चलाता है,पर उसके कुछ घंटाे बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल चैन की बंसी बजाकर सो जाता है।

वहीं हालात तब और विकट हो जाते हैं जब वीकेंड पर यातायात पूरी तरह से डगमगा जाता है। वैसे तो शहर में हर रोज लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अतिक्रमण और वीकेंड जाम की सबसे बड़ी वजह बन चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत देखें या फिर शिवमूर्ति से लेकर ललतारौ पुल स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। वहीं, बाजार की यदि बात करें तो यहां दुकानदारों ने सड़कों पर सामान रख कारोबार कर रहे हैं। इस वजह से बाजार की सड़कें संकरी हो चली हैं, जिसके चलते यहां यात्रियों का पैदल तक चलना दूभर हो गया है।

फिलहाल वर्तमान स्थित देखकर तो यही प्रतीत होता है कि हर वीकेंड पर अत्यधिक बढ़ने वाले यातायात को नियंत्रित करने एवं इससे पार पाने हेतु अभी तक कोई प्लान तैयार नहीं किया है जिसके चलते जिला प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो चुका है, जोकि आगामी कांवड़ मेले के लिए भी घातक साबित हो सकता है, इसलिए जिला प्रशासन को इस दिशा में अभी से काम करने की अहम आवश्यकता है, ताकि भारी भरकम कांवड़ मेले में लोगों को जाम के झाम से निजात मिल सके।