संगीनों के साये में कांवड़ यात्रा


हरिद्वार: संगीनों के साये में मिनी महाकुंभ यानि कांवड़ यात्रा का आगाज आज सोमवार से हो गया है। यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा चाक चौबंद की गई है। हरकी पैड़ी समेत सात सौ प्वाइंटों पर अर्द्धसैनिक बल समेत चार हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। सोमवार से शुरू हुई कांवड़ यात्रा के लिए मेला क्षेत्र को छह डिविजन व 25 जोन में विभाजित किया है। इस बार सावन में पांच सोमवार आने से विशिष्ट संयोग माना जा रहा है, जिसके चलते कांवडि़यों की भीड़ अधिक हो सकती है। इसके चलते पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए हैं। हरकी पैड़ी समेत अतिसंवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अर्द्धसैनिक बल के कंधों पर है, जबकि 44 किलोमीटर की कांवड़ पटरी में जगह-जगह अर्द्धसैनिक बल व सिविल पुलिस की तैनाती की गई है।

एसएसपी कृष्णकुमार वीके ने बताया कि पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है। उप्र व उत्तराखंड में डीजे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होने के कारण उतारकर जब्त किए जाएंगे। इस बार डीजे कांवड़ियों को वापस नहीं किए जाएंगे। लाठी डंडे, बेसबाल बेट व आठ इंच से बड़ा त्रिशूल प्रतिबंधित होगा। दो चरणों में फोर्स आना है। पहले चरण का फोर्स आ चुका है। बताया कि 15 जुलाई से डाक कांवड़ के चलते रूट डायवर्ट किया जाएगा। बताया कि इस बार दो रिवर एंबुलेंस भी गंगनहर में तैनात रहेंगी। ऋषिकुल मैदान को अस्थाई बस अड्डा बनाया गया है। डीएम दीपक रावत ने बताया कि शासन से पचास लाख का बजट मिल चुका है। यात्रा को लेकर तैयारियां पूर्ण हैं। 21 जुलाई को शिवालयों में जल चढ़ने के बाद मेला समाप्त होगा।

– संजय चौहान