महिलाओं में आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता का अभाव


Vaishali

हरिद्वार : राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट-6 व 7 के तहत पतंजलि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत सेल्फ डिफेंस आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में मार्शल आर्ट एक्सपर्ट संदीप माणिकपुरी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को आत्मरक्षा के गुर सिखाये। इस अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वैशाली गौड़ ने कहा कि जागरूकता आत्मरक्षा की पहली सीढ़ी है।

आत्म-रक्षा का शाब्दिक अर्थ लड़ाई-झगड़ा नहीं है। सही अर्थों में सेल्फ डिफेंस की शुरुआत किसी भी शारीरिक संपर्क के बिना ही होती है। वैशाली ने कहा कि जब मैं महिलाओं के प्रति आपराधिक घटना के बारे में सुनती या पढ़ती हूँ तो मुझे बहुत दुख होता है। महिलाओं केे प्रति आपराधिक घटनाओं का मुख्य कारण महिलाओं में आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता का अभाव है। महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए कि अकेले जोखिम भरी जगहों पर न जाएं।

किन्हीं कारणवश यदि महिलाएं विषम परिस्थितियों में फंस जाती हैं तो इसके लिए पहले से ही तैयार रहें। महिलाएं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेकर खुद का बचाव कर सकती हैं। इस अवसर पर संदीप माणिकपुरी ने कहा कि सेल्फ डिफेंस प्रोग्राम को शुरू करने से पहले इसकी बारीकियों का तथा स्वयं का मूल्यांकन करते हुए इस प्रशिक्षण के लिए तैयार करें। इसकी व्यावहारिकता को समझें तभी आप आत्मरक्षा के प्रति संकल्पित हो पायेंगे। लगभग 80 छात्राओं ने आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लिया।

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– संजय चौहान