पलायन रोकने के लिए बनी नई नीति


Chief Minister

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ओएनजीसी आॅडिटोरियम में भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद तथा अखिल भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित राज्य प्रगतिशील किसान सम्मेलन में प्रदेश के 18 प्रगतिशील किसानों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रो बी एस बिष्ट को राज्य कृषि परिषद का चेयरमैन नामित करने के साथ ही परिषद की विवरणिका एवं वेबसाइट का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने आईसीएफए तथा एआईएफए द्वारा प्रगतिशील किसानों को सम्मान देने के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे किसानों को खेती से जोड़ने तथा कृषि के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयासों से खेती व किसानों के प्रति लोगों को जागरूक करने में भी मदद मिलेगी तथा इस क्षेत्र में काम कर रहे किसानों के प्रति लोगों का ध्यान भी आकर्षित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों के विकास में महिलाओं की अग्रणी भूमिका है। तमाम घरेलू जिम्मेदारियों के निर्वह्न के बाद भी खेती व कृषि विकास में उनके द्वारा दिये जा रहे योगदान की जितनी सराहना की जाय कम है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रेडीमेड गारमेंट्स तैयार करने के सिलाई सेंटर स्थापित होने व एलईडी उत्पादन केन्द्रों के विकसित होने से गांव आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गांवों को आबाद कर जबरदस्ती के पलायन को रोकना है। इसके लिये हम एक नीति के तहत कार्य कर रहे है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 5 अन्य किसानों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर डाॅ पी के मिश्रा, डाॅ एम जे खान, ममता जैन, डाॅ बीएस बिष्ट, अलोक मिश्रा सहित आईसीएफए एवं एआईएफए के सदस्य, प्रदेश के कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी एवं किसान आदि उपस्थित थे।

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– सुनील तलवाड़