महिला उत्पीड़न रोकने के लिए कई कानून बने


नैनीताल: जिला विधिक साक्षरता प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को एपाल देवता राजकीय इन्टर काॅलेज पटुवाडांगर में बहुद्देशीय विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर जिला जज कुमकुम रानी द्वारा किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए जिला जज सुश्री कुमकुम रानी ने कहा कि हमारा उदेश्य है कि लोग जागरूक होकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठायें तथा स्वयं को विकास की धारा में शामिल करें।

उन्होंने कहा महिलाओं के उत्पीडन एवं हिंसा को रोकने के लिए अनेकों कानूनों के साथ ही दण्ड का भी प्राविधान है, परन्तु महिलाओं को इन अधिनियमों एवं कानूनों की जानकारी न होने के कारण महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हो जाती हैं। ऐसे में महिलाओं को घरेलू हिंसा के दण्डों का भी ज्ञान होना चाहिए, ताकि वे महिला हिंसा की रोकथाम के प्रति जागरूक होकर आगे आयें।

अपने सम्बोधन में प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन राजीव धवन ने मजदूरों के कानूनी अधिकार, सम्पत्ति का अधिकार, मध्यस्थम एवं सुलह विधि, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी अधिनियम, पशुओं की सुरक्षा हेतु बनाये गये महत्वपूर्ण नियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करने की विधि, भरण-पोषण प्राप्त करने की विधि, मानवाधिकार एवं विकलांगों के अधिकार, महिलाओं के महत्वपूर्ण विधिक अधिकार, मोटर वाहन दुर्घटना रोकने सम्बन्धी विधि एवं दण्ड के प्राविधान, हिन्दू विवाह एवं सम्पत्ति का अधिकार विषयों पर जानकारी दी।

श्री धवन ने लोक अदालत एवं कानूनी सहायता, प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, बाल श्रम कानून, तलाक, हिन्दू विवाह अधिनियम, के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर में नितिन शर्मा, नन्दन सिह राणा, सुजीत कुमार, सि.डि. मनीष पाण्डे, गीता चैहान, जू.डि. बीनू बून्यानी, सुमन, मुकेश आर्य, संगीता आर्या सहित बडी़ संख्या में ग्रामीण लोग मौजूद थे।

– संजय तलवाड़