मिस कॉल से सदस्य बनाने की प्रक्रिया का विरोध


रुद्रपुर: सहकारी समितियों में टोल फ्री नंबर पर मिस कॉल से सदस्य बनाने की सरकार की प्रक्रिया का शनिवार को किसान प्रतिनिधियों ने जमकर विरोध जताया। अधिकांश समिति सदस्यों ने सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध जताते हुए पूर्व में बोर्ड में निहित अधिकारों को ही सर्वोपरि रखने की पुरजोर वकालत की। सरकार के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी गई। पिछले दिनों प्रदेश के सहकारिता मंत्री ने एक टोल फ्री नंबर इश्यू किया था। इस टोल फ्री नंबर पर कोई भी व्यक्ति मिस कॉल देकर संबंधित समिति का सदस्य बन सकता है। इसी मिस कॉल के जरिये एक-एक समिति में हजारों लोग सदस्य बन गए।

नए प्राविधान के अंतर्गत समिति सचिव को अधिवेशन बुलाकर मेंबरशिप देने का अधिकार होगा। मिस कॉल से बने मेंबरों को समिति चुनाव में वोट देने का अधिकार भी होगा। सरकार की इस नई प्रक्रिया का जनपद की अधिकांश समिति के भाजपा और कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारियों ने सहकारी समिति बगवाड़ा मंडी पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सरकार की मेंबरशिप की यह योजना वास्तविक काश्तकारों के साथ कुठाराघात है। समिति के अध्यक्षों का कहना था कि समिति का सदस्य वही बन सकता है जिसकी जमीन उस क्षेत्र की खतौनी में दर्ज हो।

लेकिन इस तरह मेंबरशिप देने का मतलब समिति चुनाव एवं समिति के भविष्य के साथ खिलवाड़ से अधिक कुछ नहीं है। प्रदर्शनकारी समिति अध्यक्षों ने कहा कि मेंबर बनाने की बोर्ड को पॉवर होती है। सरकार सचिव को मेंबर बनाने का अधिकार देना चाहती है। इस मौके पर उपकार सिंह, हरप्रीत सिंह, जसविन्दर सिंह, अनिल गगनेजा, देवेंद्र सिंह, नवजोत कौर, भगत सिंह धर्मसत्तु, उमेश सिंह, गोविंद सिंह राणा, कैलाश चंद्र राणा, तीरथ सिंह, , जरनैल सिंह, इंद्रपाल सिंह, विनय सिंह राणा, रामभरोसेे, गुरूमुख सिंह आदि मौजूद रहे।

– सुरेन्द्र तनेजा