सैकड़ों टन गंदगी छोड़ गए तीर्थयात्री


हरिद्वार: गंगानगरी में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आए 25 लाख के आसपास श्रद्धालु जाते-जाते घाट पर कूड़ा-कचरा छोड़ गए। साफ-सफाई करने में जहां श्रीगंगा सभा के सेवकों के पसीने छूट गए, वहीं नगर निगम की गाड़ियों को कूड़ा उठाने में कई राउंड लगाना पड़ा। बताते चलें कि रविवार को गंगा दशहरा पर करीब बीस लाख लोगों ने गंगा में हरकी पैड़ी व अन्य घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई थी। पौ-फटते ही शुरु हुआ गंगा स्नान देर शाम तक चला। स्नान के बाद पूजन आदि के दौरान श्रद्धालुओं ने घाटों पर कूड़ा कचरा भी छोड़ दिया। इसमें सबसे अधिक पालीथिन की थैलियां ही थीं।

कूड़े के उठान में श्रीगंगा सभा के इंतजाम कम पड़ गए। हालांकि गंगा सभा का दावा है कि कूड़ा उठाने के लिए समुचित सेवक लगाए गए थे। कोई और कूड़ा नहीं था। श्रद्धालु अपने साथ लाए पॉलीथिन की थैलियां ही छोड़ गए। इस बाबत मेयर मनोज गर्ग ने इसका निरीक्षण किया तो कूड़ा पसरा होने पर श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों से नाराजगी जताई। कहा अगर सही तरीके से सफाई न हो पाए, तो दूसरा रास्ता देखा जाएगा। मेयर मनोज गर्ग ने श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों से सेवकों की संख्या बढ़ाने को कहा। वहीं सोमवार को भी निर्जला एकादशी पर हजारों लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की।  दिन में भी हरकी पैड़ी के घाटों पर कूड़े का ढ़ेर फैला रहा।

– संजय चौहान