पुलिस निष्क्रियता से देह व्यापार चरम पर


हरिद्वार: पुलिस की निष्क्रियता के चलते देह व्यापार का धंधा आजकल तीर्थनगरी हरिद्वार की मान-मर्यादाओं को ठेस पहुंचाते हुए सरेआम चल रहा है। आलम यह है कि इस जिस्मफरोशी के धंधे में लिप्त कालगर्ल दिन के उजाले में ज्यादा सक्रिय हैं और सौदा पटने के बाद अपने चिन्हित होटलों में वे सारे काम करती हैं, जिनकी भारती का सभ्य समाज इजाजत नहीं देता। हरिद्वार जिला पुलिस की लापरवाही कहें या फिर मिलीभगत जिसके चलते यहां जिस्मफरोशी का धंधा आज आसमान छू रहा है।

इतिहास के पन्नों में हरिद्वार की अपनी अलग विश्व पटल पर पहचान धार्मिक नगरी के रूप में है और यहां दुनियाभर के कौने-कौने से लोग आते हैं , यहां की संस्कृति को अपने जहन में समेटकर जाते हैं। बड़े दुर्भाग्य की बात है कि हरिद्वार की दूसरी तस्वीर बेहद ही घिनौनी किस्म की हो गई है जिसकी वजह यहां सरेआम हो रहे जिस्मफरोशी का धंधा है। इस धंधे में विभिन्न प्रांतों से हाईप्रोफाइल कालगर्ल यहां आकर भारतीय संस्कृति को दागदार करने में कोई गुरेज नहीं करती। ये कपड़ों की तरह अपने ग्राहक बदलती हैं।

हैरत की बात तो यह है कि अब तो इनके ठिकाने बंधे हुए हैं और सबसे ज्यादा बुरा हाल इन दिनों श्रवण नाथ नगर से भीमगोड़ा तक का है। यहां इनके दलालों द्वारा प्रत्येक होटल में दो से तीन कमरे परमानेंट बुक कर रखे हैं, जहां चौबीसो घंटे शराब, शबाब व कबाब का नंगा नाच चलता है, हालांकि इस अवैध गोरखधंधे की जानकारी पुलिस महकमे को भी है, लेकिन चंद रुपयों में बिकने वाले कुछ खाकी वर्दी के गुनहगार अपना ईमान बेचकर इस गोरखधंधे को चार-चांद लगाने में आमादा हैं।

– संजय चौहान