नदियां उफान पर 23 गांवों को खतरा


सितारगंज: लगातार हो रही बारिश से कैलाश और बैगुल नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से भू-कटाव के साथ ही 23 गांवों में खतरा भी बढ़ने लगा है। कैलाश नदी से तो रसोईयापुर गांव में भू-कटाव जारी है। प्रशासन ने कैलाश और बैगुल नदी के जल से 23 ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के प्रभावित होने की सूची तैयार की है। जिनमें रुदपुर, सुरेंद्रनगर, निर्मलनगर, बरुआबाग, वमनपुरी, सितारगंज, रम्पुरा, लौका, गोठा, उकरौली, कल्याणपुर, नकुलिया, साधुनगर, डोहरा, थारुतिसौर आदि गांव शामिल हैं। कैलाश नदी के बहाव के कारण खेत किनारों से ढहने शुरू हो गए हैं। ग्राम रसोईयापुर में बहने वाली कैलाश नदी किसानों की खेती योग्य भूमि को बर्बाद कर रही है। बरसात शुरू होने के बाद बकील अहमद, जहीर अहमद आदि ग्रामीणों के खेतों की तरफ नदी का रुख हो गया है।

मूसलधार बारिश से कैलाश नदी में गुरुवार तक पानी का बहाव सामान्य रहा। लेकिन बारिश के लगातार होने से किसानों को भू-कटाव का खतरा सता रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने पूर्व में ही भू-कटाव की संभावना जताकर प्रशासन को पूर्व में ही अवगत कराया था। लेकिन प्रशासन ने उनकी मांग को अनदेखा कर दिया। गांव के फहीम ने बताया कि पिछले वर्ष भी उनकी करीब पांच एकड़ भूमि भूकटाव की भेंट चढ़ गई थी। पहाड़ों पर होने वाली बरसात के बाद नदी उफना जाती है। जिस कारण नदी का पानी घर के आंगन तक पहुंच जाता है। उन्होंने प्रशासन से भू-कटाव रोकने की मांग की। सिंचाई विभाग के जेई विजयपाल ने बताया कि दोपहर तक बैगुल नदी का जलस्तर 8 हजार क्यूसेक था।