भारी बारिश से छह मरे


देहरादून: उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को रोक दिया गया है जबकि विभिन्न घटनाओं में अब तक आधा दर्जन व्यक्तियों की मृत्यु होने की खबर है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश तथा मौसम विभाग के आगे भी इसके जारी रहने की आशंका के मद्देनजर फिलहाल केदारनाथ यात्रा को रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि सोनप्रयाग में मौजूद ढाई सौ से तीन सौ यात्रियों को आगे बढऩे से रोका गया है। बुधवार सुबह तकरीबन चार बजे से राज्य के सभी जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई स्थानों पर मकान गिर जाने की सूचना है।

अभी तक देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र से एक व्यक्ति की पानी में बह जाने के कारण मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है। भारी बारिश के बीच बादल फटने से देहरादून-सहारनपुर मार्ग पर डाट काली मंदिर से तीन किलोमीटर आगे सड़क ध्वस्त हो गई। साथ ही मलबा आने से देहरादून-सहारनपुर मार्ग बंद हो गया। इस मार्ग पर सैकड़ों वाहन समाचार लिखे जाने तक फंसे हुए हैं। बारिश से देहरादून, डोईवाला, ऋषिकेश, हल्द्वानी, भीमताल में सड़कें जलमग्न हो गईं। कई जगह सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया। इससे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहरादून में विभिन्न स्थानों पर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। ऋषिकेश क्षेत्र में चंद्रभागा नदी, थाना डालनवाला, नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में रिस्पना नदी तथा थाना प्रेमनगर, सहसपुर क्षेत्र में आसन नदी का जलस्तर बढ़ गया है।

इससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को पुलिस प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। चमोली जिले में बद्रीनाथ राजमार्ग बंद होने और खुलने का सिलसिला जारी है। लामबगड़ के पास सड़क पर मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे सुबह बंद हो गया था, जिसे खोल दिया गया। चमोली जिले के करीब 47 मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर देवप्रयाग के पास मूल्यागांव, तोताघाटी और ब्यासी के समीप कौडियाला में भूस्खलन से बंद हो गया था। इस मार्ग से मलबे को हटा दिया गया है। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे संगलाई के पास काफी देर तक बंद रहा। यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी और ओरछा बैंड के भूस्खलन से बंद हो गया।

(सुनील)