देहरादून को स्मार्ट सिटी का तोहफा


देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा सरकार के सौ दिन पूरे होने पर केंद्र सरकार स्मार्ट सिटी का तोहफा दे दिया। आज इसकी घोषणा भी कर दी गई। यहां गौरतलब यह है कि स्मार्ट सिटी चयन के पहले तीन चरण में देहरादून अपनी जगह नहीं बना पाया था। देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। इसके लिए सरकार ने पहले चरण में जिस योजना का खाका बनाकर केंद्र को भेजा, उस पर सरकार ने चाय बागान की जमीन पर ग्रीनफील्ड का विकल्प अपनाया। स्थिति यह बनी की स्मार्ट सिटी के टॉप 20 शहरों में नाम आना तो दूर, देहरादून को कुल 98 शहरों में 38 अंकों के साथ आखिरी स्थान मिला।

इसके बाद देहरादून को फास्ट ट्रेक प्रतियोगिता में 23 शहरों के साथ फिर से प्रतिभाग करने का मौका मिला। पुरानी गलती से सीख लेकर सरकार ने ग्रीनफील्ड के विकल्प को त्याग कर रेट्रोफिटिंग का निर्णय लिया। इसमें 3788 एकड़ क्षेत्रफल को खूबसूरत स्वरूप देने के लिए तमाम सुविधाओं को प्रस्ताव का हिस्सा बनाया गया।

प्रस्ताव के आकार और विस्तार को देखते हुए केंद्र ने दून को फिर बाहर का रास्ता दिखाया। हालांकि पहले की अपेक्षा नंबर अच्छे थे। दून को कुल 54 अंक मिले। तीसरे चरण में सरकार ने घंटाघर को केंद्र बनाकर नया प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्ताव में योजना का आकार घटाकर 875 एकड़ किया गया, मगर नए प्रस्ताव पर कसरत को बेहद कम समय मिला और दून को स्मार्ट सिटी बनाए जाने की हसरत फिर धरी की धरी रह गई। इसके बाद नोडल एजेंसी ने नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा है। आज जारी सूची में दून को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया।