बाढ़ प्रभावित इलाकों में जुटी टीमें


हरिद्वार: गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में संस्था प्रमुख शैलदीदी की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय टीम की समीक्षा बैठक हुई। इसमें बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बनासकांठा जिले के धनेरा क्षेत्र एवं राजस्थान के सिरोही व जालोर में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सेवा कार्य में और तेजी लाने पर सहमति बनी। राकेश जायसवाल व दिनेश पटेल के नेतृत्व में गुजरात व विष्णु मित्तल व सुखदेव अनघोरे के नेतृत्व में शांतिकुंज की केन्द्रीय टीम को राजस्थान भेजने का निर्णय लिया गया और ये टीम रवाना भी हो गयी। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रमुख शैलदीदी ने गुजरात व राजस्थान में बाढ़ में असमय कालकवलित हुई मृतात्माओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। शैल दीदी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के दुःख की इस घड़ी में गायत्री परिवार उनके साथ खड़ा है।

हम लोग उनकी सेवा-सुश्रुषा के लिए सदैव तत्पर हैं। राजस्थान में महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित सिरोही एवं जालौर जिलों में 125 लोगों की टीम जुटी है। यह टीम सांचोर को बैसकैम्प बनाकर कार्य रही है। तो वहीं डॉ. भीखू भाई पटेल के नेतृत्व में चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल टीम एम्बूलेंस से लेकर पहुंच गयी है, जो पीड़ितों की सेवा कर रही है। तो वहीं मीठा भाई के नेतृत्व में 150 लोगों की सेवाभावी युवाओं की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री पहुंचाने में जुटी है।

शांतिकुंज आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार गुजरात के विभिन्न जनपदों से 15 ट्रक खाद्य सामग्री, जीवन रक्षक दवाइयाँ व अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री के साथ बनासकांठा पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि अम्बाजी, पालनपुर, पाटन, महेसाणा, डीसा, कलोल व अहमदाबाद जिले से शांतिकुंज से प्रशिक्षित युवा सेवा कार्य में जुटे हैं। बैठक में वेदमाता गायत्री ट्रस्ट के ट्रस्टी हरीश ठक्कर, महेन्द्र शर्मा, सूरज प्रसाद शुक्ल, विष्णु मित्तल, राकेश जायसवाल, दिनेश पटेल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।