डिप्रेशन की शिकार युवती ने की खुदकुशी


पंतनगर: लगभग 1-2 माह से डिप्रेशन का शिकार युवती ने कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार मालती चढ्ढा (48) पत्नी हरीश कुमार चढ्ढा पिछले काफी दिनों से डिप्रेशन का शिकार थीं। पति हरीश कुमार चढ्ढा के अनुसार मंगलवार सुबह लगभग 8 बजे वह पूजा करने के लिए गये तथा पत्नी ने कहा कि वह नहाने जाती हैं। नहाने के बाद चाय साथ-साथ पीएगे। पति हरीश चढ्ढा पूजा-पाठ कर आये तब तक उनकी पत्नी बाथरूम से नहीं निकली थीं। जब उन्होंने बाथरूम के पास जाकर आवाज दी कि आ जाओ चाय पी लो तो वहां से कोई आवाज नहीं आयी। कुछ देर रूकने के बाद उन्होंने फिर आवाज दी। परन्तु बाथरूम से कोई आवाज न आने पर उन्हें शक हुआ। बाथरूम का दरवाज अंदर से बंद था। उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गये।

वहां उनकी पत्नी मालती चढ्ढा बेशुद पड़ी थीं। पड़ोसियों की सहायता से आनन-फानन में उन्हें विश्वविद्यालय चिकित्सालय ले गये। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घेाषित कर दिया। जानकारी के अनुसार मालती चढ्ढा द्वारा किसी पतली रस्सी की सहायता से बाथरूम के अंदर लटकर अपनी जान दे दी। उनकी गर्दन पर भी निशान पाये गये। शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस भी प्रथम दृष्टया खुदकुशी ही मान रही है। मालती चढ्ढा अपने पीछे पति, विवाहित पुत्री व एक पुत्र को रोता बिलखता छोड़ गयीं हैं। पडोसियों के अनुसार मालती मिलनसार व सीधी-साधी युवती थीं। कुछ दिनों ने मालती की मां उनके साथ रह रही थीं। मालती का अंतिम संस्कार पंतनगर श्मशान घाट पर कर दिया गया।

(एस. के. श्रीवास्तव)