आफत की बारिशः तीन मरे


देहरादून: उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। पौड़ी में दीवार ढहने से मां-बेटे की और गैरसैंण में नाले में बहने से महिला की मौत हो गई। दो दिन में बारिश के दौरान उत्तराखंड में कुल नौ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बदरीनाथ हाईवे कई स्थानों पर अवरुद्ध है। वहीं कैलास मानसरोवर यात्रा दल भी रास्ते पर रोका हुआ है। पूरे प्रदेश की नदियां व नाले ऊफान पर हैं। गंगा चेतावनी निशान से ऊपर बह रही है। इससे तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। पौड़ी जनपद के लैंसडाउन विकासखंड में ल्वीठाग्राम मकान की दीवार धवस्त होने से मलबे में महिला और बच्चा दब गए। जहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

घटना आज सुबह करीब पांच बजे की है। जयसिंह के मकान की दीवार टूटने से उसका चार साल का बेटा साहिल और पत्नी दीपा देवी (28 वर्ष) मलबे में दब गए थे। उन्हें कैंट अस्पताल लैंसडौन में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। चमोली जनपद में गैरसैंण के कुनीगाड़ में बादल फटने दो मकानों में मलबा आने की सूचना है। बीती रात को कूनीगाड़ में विमला देवी (45) पत्नी रघुनाथ सिंह निवासी कुन्नीगाड मल्ला बह गई थी।

उसका शव घटनास्थल से करीब 15 किमी आगे कुनी गाड रिवाडी गदेरे में चौखुटिया के पास बरामद कर लिया गया है। उधर, तहसील पौड़ी के विकासखंड कल्जीखाल के ग्राम भेटुली में कुशलानंद की गोशाला ढहने से दो जर्सी गाय तथा 25 मुर्गियां मर गईं। इसके अलावा तहसील यमकेश्वर के ग्राम जोगियाना में हैवल नदी में बाढ़ आने से 10 आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए। कोटद्वार में गिंवई गदेरे (बरसाती नाला) के उफान में आने से इसकी चपेट में प्रेमसिंह का मकान बह गया। गनीमत यह रही कि परिवार के सदस्य पहले ही घर से बाहर भाग गए थे। मौसम केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अगले 48 घंटों में मौसम के तेवर कुछ नरम रहेंगे।