उत्तराखंड भूस्खलन का मलबा हट जायेगा जल्द


देहरादून : उत्तराखंड में कल हुए भूस्खलन के बाद आज चमोली जिले में विष्णुप्रयाग के पास पर हाथी पहाड़ की चोटी से भूस्खलन के मलबे की सफाई का काम आज किया युद्धस्तर पर हो रहा है । जबकि वहां फंसे दोनों ओर के 2000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों में से 800 तीर्थयात्रियों को उनके स्थानो की ओर रवाना कर दिया गया है।

चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी आज ने  इन खबरों का भी खंडन किया कि भूस्खलन के कारण 15000 से अधिक तीर्थयात्री फंस गये हैं। आशीष जोशी ने कहा कि  ये  (15000 से ज्यादा श्रद्धालुओं के फंसने की) खबरें बिल्कुल गलत हैं।

केवल 2000 यात्री के करीब मलबे के कारण प्रभावित हुए थे, जिनमें से  800 को सुरक्षित उनके स्थानो  की ओर रवाना कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब केवल 1200 तीर्थयात्री के करीब ही बचे हैं जो विष्णुप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में विभिन्न स्थानों पर ठहरे हुए हैं।

इस बीच, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सीमा सड़क संगठन के जवान मलबे को साफ करने में युद्धस्तर पर जुटे हुए हैंं। वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के बताया की कि कल शाम से ही मलबा हटाने का काम निरंतर चल रहा है और जल्दी ही मार्ग पर यातायात सुचारू कर दिया जायेगा।

कल दोपहर करीब 3 बजे अचानक हाथी पहाड़ की चोटी से चट्टानें खिसकने और बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिरने का सिलसिला शुरू हुआ था जिसने सड़क के 75 मीटर के हिस्से को मलबे से पाट दिया था। और इसके कारण यात्रियों  के जाने का मार्ग रुक गए जिससे उन्हें परेशानी का सामना कर पड़ रहे है ।  अब स्थिति नियंत्रण में है । सभी फंसे यात्रियों को खाने पीने के चीजें उन तक पहुंची जा रही है ।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आपदा सचिव अमित नेगी को लगातार निगरानी के निर्देश दिये हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने  कहा कि स्थिति के नियंत्रण में होने की वजह से यात्रियों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। यात्रियों के लिये खाने, ठहरने तथा स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधायें मौजूद हैं।