उत्तराखण्ड में चलेगा टीकाकरण अभियान


नैनीताल: स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार तथा विश्वबैंक के संयुक्त तत्वाधान में देश में विभिन्न प्रान्तों के साथ ही उत्तराखण्ड में भी खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान संचालित किया जायेगा। कुमाऊं मण्डल में संचालित होने वाले इस महत्वपूर्ण अभियान के संचालन के लिये स्वास्थ्य महकमे द्वारा की गयी तैयारियों की समीक्षा आयुक्त कुमाऊ मण्डल चन्द्र शेखर भट्ट द्वारा मंगलवार को एलडीए सभागार में की गयी। समीक्षा के दौरान आयुक्त भट्ट ने कहा कि देश का सशक्त एवं स्वस्थ्य नागरिक बनाने के लिये बच्चे को जन्म से पूर्व से ही युवा होने तक विभिन्न प्रकार के टीकाकरण कराये जाते हैं, इन टीकाकरण अभियानों से जहां बच्चे स्वस्थ्य होते हैं। वहीं उनमें प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि खसरा-रूबैला अभियान एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य सीमित समय में पूरे राज्य मेें व्यापक आयु वर्ग के सभी बच्चों को खसरा–रूबैला टीके द्वारा प्रतिरक्षित करना है।

अभियान अवधि के दौरान खसरा-रूबैला खुराक मण्डल के उन सभी बच्चों को दी जायेगी, जिनकी आयु 9 माह से 15 वर्ष के बीच है, चाहे पहले उनको टीका लगाया गया हो या ना लगाया गया हो, खसरा-रूबैला का लक्ष्य तात्कालिक आधार पर जनसंख्या को खसरा-रूबैला से प्रतिरक्षित करना है ताकि खसरे के कारण मृत्यु और जन्मजात रूबैला सिन्ड्रौम की सम्भावनायें मुख्य रूप से घट जायें तथा समुदाय में लक्षित आयु वर्ग के बच्चों का कम से कम 95 प्रतिशत टीकाकरण पूरा हो जाये। आयुक्त ने बताया कि यह विशिष्ट टीकाकरण अभियान 11 सितम्बर से प्रारम्भ होकर चार सप्ताह तक संचालित किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि इस टीकाकरण का लाभ कुमायूं मण्डल के लगभग 14 लाख बच्चों को मिलेगा। उन्होंने मण्डल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों केा निर्देश दिये कि वे समय रहते वैक्सीन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें, जो बच्चे विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं वहां प्रशिक्षित एएनएम व प्रशिक्षित स्वास्थ कर्मी द्वारा ही टीकाकरण का कार्य किया जाय । विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. पुनीत मिश्रा ने खसरा-रूबैला टीकाकरण के तकनीकी पक्ष की जानकारी देते हुये बताया कि यह टीकाकरण तथा इसकी वैक्सीन पूर्णरूप से सुरक्षित है। देश के विभिन्न प्रान्तों के लगभग 4 करोड़ बच्चों को यह वैक्सीन दी जा चुकी है।

– संजय तलवाड़