वेंकैया नायडू बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति


वेंकैया नायडू को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में चुन लिए गए हैं। उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में एम वेंकैया नायडू ने जीत हासिल कर ली है । इस चुनाव में NDA की ओर से वेंकैया नायडू, तो वहीं विपक्ष से पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और गांधीजी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी के बीच मुकाबला था यहां कुल पड़े 771 वोटों में वेंकैया नायडू को 516 वोट, तो गोपालकृष्ण गांधी के खाते में 244 वोट गए।

बता दे कि  वेंकैया नायडू उपराष्‍ट्रपति बनने वाले RSS की पृष्‍ठभूमि के दूसरे नेता हैं। इससे पहले बीजेपी के नेता भैरों सिंह शेखावत (1923-2010) इस पद के लिए 2002 में चुने गए थे। वह देश के 11वें उपराष्‍ट्रपति चुने गए।

सहायक निर्वाचन अधिकारी मुकुल पांडेय ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा कि मतदान का समय खत्म होने तक निर्वाचक मंडल के 785 सदस्यों में से 771 ने वोटिंग में हिस्सा लिया. इस तरह शाम 5 बजे तक कुल 98.21% मतदान दर्ज हुआ।

जबकि 14 सांसदों ने वोट नहीं डाला। कांग्रेस और भाजपा के दो-दो, आईयूएमएल के दो, टीएमसी के चार, एनसीपी का एक, पीएमके का एक और एक निर्दलीय सांसद ने मतदान नहीं किया। भाजपा के विजय गोयल और सांवरलाल जाट जबकि कांग्रेस की मौसम नूर और रानी नाराह ने अपना वोट नहीं डाला।

वहीं इस चुनाव में जिन 14 सांसदों ने वोट नहीं डाला जिसमे कांग्रेस और बीजेपी के 2-2 तथा टीएमसी के 4 सांसद शामिल हैं। वहीं 11 वोट निरस्त करार दिए गए।

UPA उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी ने उप राष्ट्रपति चुने जाने पर वेंकैया नायडू को बधाई दी है। उन्होंने कहा ‘वेंकैया नायडू को जीत की बधाई। उन्हें नए कार्यालय के लिए शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैंकेया नायडू को बधाई दी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी में वैंकेया नायडू के साथ काम करने वाले दिनों को याद करते हुए कहा कि वैंकेया नायडू गुरु देश को आगे ले जाएंगे। हमें सहयोग मिलता रहेगा।

उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में शुरूआत से ही आंकड़े राजग उम्मीदवार वैंकेया नायडू के ही पक्ष में थे। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव की तरह ही उपराष्ट्रपति चुनाव को भी महज औपचारिकता माना जा रहा था। इस चुनाव में राजग में अपने बूते अपने उम्मीदवार को जीत हासिल कराने माद्दा था। इस बीच राजग के इतर 5 दलों के समर्थन में आ जाने के बाद मुकाबला एकतरफा हो गया।

आपको बता दे कि मतदान की शुरुआत PM मोदी ने की जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य नेताओं ने अपना वोट डाला। इनके अलावा पूर्व क्रिकेटर और सांसद सचिन तेंदुलकर, एक्ट्रेस रेखा व अन्य मंत्री-सांसदों ने भी अपना वोट डाल दिया है। बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य वोट करते हैं।

सुबह वैंकेया ने कहा था कि मैं किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ रहा हूं, मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहा हूं। मैं सभी संसद सदस्यों को जानता हूं और वे सभी भी मुझे जानते हैं। इसीलिए मैंने प्रचार भी नहीं किया। ज्यातादर पार्टियां मेरी उम्मीदवारी का समर्थन कर रही हैं। भरोसा है कि वे सभी चुनाव में अपना वोट डालेंगी।’ वहीं विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी ने कहा था कि NDA के उम्मीदवार एक अनुभवी व्यक्ति हैं। हमारे बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। यह लड़ाई संवैधानिक सिद्धातों की है।