जानिए ,एक छोटे गांव से उपराष्ट्रपति बनने तक का सफर


वेंकैया नायडू को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में चुन लिए गए हैं। उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में एम वेंकैया नायडू ने जीत हासिल कर ली है । इस चुनाव में NDA की ओर से वेंकैया नायडू, तो वहीं विपक्ष से पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और गांधीजी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी के बीच मुकाबला था यहां कुल पड़े 771 वोटों में वेंकैया नायडू को 516 वोट, तो गोपालकृष्ण गांधी के खाते में 244 वोट गए।

भारत के 15वें उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई, 1949 को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में हुआ था । उन्होंने वही से अपनी स्कूली पढ़ाई की थी विशाखापट्टनम के लॉ कॉलेज से वेंकैया नायडू ने अंतरराष्ट्रीय कानून की पढ़ाई की । आपको बता दें कि 14 अप्रैल 1971 को उन्होंने उषा से शादी की। नायडू के एक लड़का और लड़की है हर्षवर्धन और दीपा वेंकट है। वेंकैया नायडू पहली बार सन 1972 में जय आंध्रा आंदोलन से खबरों में आए थे 1978 में वो पहली बार विधायक बने। भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न पदों पर रहने के बाद वेंकैया नायडू पहली बार कर्नाटक से राज्यसभा के लिए 1998 में चुने गए । इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने। अटल सरकार में उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय दिया गया।  साल 2002 और 2004 में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। वही 2014 में बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें शहरी विकास मंत्रालय दिया गया । आपको बता दे कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े हुए है।