सिंचाई योजना के तहत देश में 100 परियोजनाओं पर काम शरु : मोदी


pm modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि किसानों के हर खेत को पानी मिले एवं फसलों का भरपूर उत्पादन हो इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत देश में लगभग 100 सिंचाई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। मोदी ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए बुधवार को कहा कि फसल में किसी प्रकार का जोखिम ना हो, इसके लिए फसल बीमा योजना है, कटाई के बाद सही कीमत मिले इसके लिए ईनाम शुरु किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि के लिए सरकार बजट में निश्चित राशि आवंटित करती है, पिछली सरकार ने कृषि के लिए 1,21,000 करोड़ रूपए की धनराशि आवंटित की थी और उनकी सरकार ने इसे 2,12,000 करोड़ रूपए किया, यानि लगभग दोगुना किया, यह किसान कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान की लागत कम कैसे हो, उपज का उचित मूल्य मिले, फसल की बरबादी रुके, इसके लिए सरकार ने फैसला लिया कि अधिसूचित फसलों के लिए न्यूनतम मूल्य लागत का डेढ गुना दिया जायेगा। देश के किसानों पर भरोसा था, उन्हें आवश्यक सुविधायें, वातावरण दिया जाए तो किसान मेहनत, और परिणाम लाने को तैयार है, और सरकार ने किसानों को साथ लेकर इस दिशा में काम किया। मोदी ने कहा कि खेती की पूरी प्रक्रिया में बुआई से पहले और कटाई के बाद तक और फिर फसल की बिक्री तक किसान को हर संभव सहायता मिले, बीज से बाजार तक हम किसानों के साथ हैं।

किसानों ने फसल उत्पादन में पिछले कई सालों के रिकार्ड तोड़ हैं, पिछले 48 महीनों में कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और वर्ष 2017-18 में खाद्यान उत्पादन 280 मिलियन टन से अधिक हुआ है जबकि 2010 से 2014 का औसत उत्पादन 250 मिलियन टन था। इसी तरह दलहन के क्षेत्र में भी औसत उत्पादन में 10.5 प्रतिशत एवं बागवानी के क्षेत्र में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेती की पूरी प्रक्रिया में हर कदम पर मदद मिले, यानि बुआई से पहले, बुआई के बाद और फसल कटाई के बाद : मुख्य रूप से चार मूल बिन्दुओं पर बल दिया जा रहा है।

पहला-कच्चे माल की लागत कम से कम हो

दूसरा-उपज का उचित मूल्य मिले

तीसरा-उपज की बर्बादी रुके

चौथा- आदमनी के वैकल्पिक ह्मोत तैयार हों।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीली क्रांति के अंतर्गत मछली पालन के क्षेत्र में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई तो दूसरी ओर पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में करीब 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। मोदी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आज किसान अपनी मेहनत में आधुनिक मशीनों और उपकरणों को भी जोड़ रहे हैं और इसका लाभ अपने आस-पास के गाँवों में भी पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह देखकर खुशी हो रही है कि श्रीमती चम्पा निनामा जी कड़कनाथ की फ़र्मिंग कर अपनी आय बढ़ने में सक्षम हुई हैं। इससे आपके आस-पास के गांवों के लोग भी मुर्गी पालन के लिए प्रेरित हुए होंगे।

उन्होंने कहा कि किसानों को खेत की सिंचाई में परेशानी न हो, हर खेत को पानी मिले, पर ड्राप मोर क्राप यानि कम पानी और ज्यादा उपज हो। उन्होंने कहा ‘ मैं हमेशा से किसानों को टपक सिंचाई को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता रहा हूँ।’ मोदी ने कहा कि फसल कटाई के बाद जब किसान का उत्पाद बाजार में पहुँचता है, तो उसमें उसे उसके उपज की सही कीमत मिले, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म ई नाम शुरू किया गया है और सबसे बड़ बात कि अब बिचौलिए किसानों का लाभ नहीं मार पाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले खाद के लिए लंबी-लंबी कतारें लगती थी लेकिन अब किसानों को आसानी से खाद मिल रहा है।

आज किसानों के लिए 100 प्रतिशत नीम लेपित यूरिया देश में उपलब्ध है। बुआई से पहले किसान यह जान पाए कि किस मिट्टी पर कौन सी फसल उगानी चाहिए, इसके लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड शुरू किया गया। एक बार जब ये पता चल जाए कि क्या उगाना है तो फिर किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज मिले, उसे पूँजी की समस्या से गुजरना न पड़, इसके लिए किसान ऋण की व्यवस्था की गई।

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