नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के कोच प्रकरण से उठे विवाद के थम जाने के बाद कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री श्रीलंका के लंबे दौरे के लिये तैयार हो चुके हैं और यह दौरा दोनों के लिये ही अग्नि परीक्षा होगा। विराट और शास्त्री के लिये इस दौरे में जीत से कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा। पिछले कोच अनिल कुंबले के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने लगातार जीत हासिल की थी और दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बनी थी। लेकिन जिस अंदाज में कुंबले को अपना कोच पद छोडऩा पड़ा और विराट की पसंद शास्त्री को नया कोच बनाया गया उससे इन दोनों पर ही श्रीलंका दौरे में खास दबाव रहेगा। भारत को श्रीलंका दौरे में तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक ट्वेंटी 20 खेलना है।

सीरीज का पहला टेस्ट गाले में 26 जुलाई से होगा। भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 38 टेस्ट खेले गये हैं जिनमें भारत ने 16 जीते हैं, सात हारे हैं और 15 ड्रा रहे हैं। श्रीलंका की टीम हालांकि अच्छे दौर से नहीं गुत्रर रही है और उसे जिम्बाब्वे से वनडे सीरीज 2-3 से गंवानी पड़ी थी जबकि एकमात्र टेस्ट उसने कड़े संघर्ष के बाद जीता था। श्रीलंका को उसके घर में हराना कभी आसान नहीं रहा है, हालांकि विराट ने पूर्ण कप्तान के रूप में अपनी पहली टेस्ट सीरीज श्रीलंका में 2015 में 2-1 से जीती थी। महेंद्र सिंह धोनी के 2014-15 में आस्ट्रेलिया दौरे पर बीच में ही टेस्ट कप्तानी छोड़ देने के बाद विराट कोहली ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी और 2015 में श्रीलंका दौरे से भारतीय क्रिकेट का विराट युग शुरू हुआ था। भारतीय टीम 2015 में अगस्त में श्रीलंका पहुंची। धोनी के टेस्ट कप्तानी से इस्तीफे और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय टीम नये दौर से गुजर रही थी और श्रीलंका दौरे में उसकी कड़ी परीक्षा होनी थी।

भारत गाले में पहले टेस्ट में 176 रन के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुये 112 रन पर ढेर होकर यह मैच हार गया। लेकिन भारत ने वापसी करते हुये दूसरा टेस्ट 278 रन से और तीसरा टेस्ट 117 रन से जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यही वह समय था जब भारतीय क्रिकेट में विराट युग की शुरूआत हो गयी थी। भारत ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीका को 3-0 से, वेस्टइंडीज को 2-0 से , न्यूजीलैंड को 3-0 से, इंग्लैंड को 4-0 से, बंगलादेश को 1-0 से और आस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर लगातार सातवीं टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की और दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बन गयी। विराट अपनी कप्तानी में अब तक 26 टेस्टों में 16 मैच जीतकर तीसरे सबसे सफल भारतीय कप्तान बन चुके हैं। उनसे आगे सौरभ गांगुली(21 जीत) और धोनी(27 जीत) हैं। भारतीय टीम में शामिल अधिकतर खिलाड़यिों ने श्रीलंका में पिछले दौरे में ही हिस्सा लिया था। केवल तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें श्रीलंका में 10 टेस्ट खेलने का अनुभव है। खुद कप्तान विराट ने श्रीलंका में तीन टेस्ट खेले हैं जिसमें उन्होंने एक शतक सहित 233 रन बनाये हैं।

चोटिल मुरली विजय की जगह टीम में शामिल बायें हाथ के ओपनर शिखर धवन पिछले दौरे में पहले टेस्ट में 134 रन बनाने के बाद चोट के कारण शेष दो टेस्टों से बाहर हो गये थे। चेतेश्वर पुजारा ने एक टेस्ट में नाबाद 145, अजिंक्या रहाणे ने तीन टेस्टों में 178, ओपनर लोकेश राहुल ने तीन टेस्टों में 108, रोहित शर्मा ने तीन टेस्टों में 202 रन और विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने दो टेस्टों में 131 रन बनाये हैं। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पिछले दौरे में तीन टेस्टों में रिकार्ड 21 विकेट लिये थे और वह एक बार फिर भारतीय गेंदबाजी में तुरूप का पत्ता रहे हैं। इशांत शर्मा ने 10 मैचों में 28 विकेट और उमेश यादव ने दो मैचों में पांच विकेट लिये। भारत को इस दौरे में सबसे ज्यादा खतरा श्रीलंका के लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेरात से रहेगा जो इस समय कमाल की फार्म में है। जिम्बाब्वे के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में हेरात ने 11 विकेट हासिल किये थे। 39 वर्षीय हेरात जिम्बाब्वे के खिलाफ दोनों पारियों में पांच से अधिक विकेट लेने के बाद टेस्ट इतिहास में 30 बार एक पारी में पांच विकेट हासिल करने वाले पांचवें गेंदबाज बन गये हैं। हेरात इसके साथ ही एक टेस्ट मैच में 10 से अधिक विकेट आठवीं बार लेने वाले वह पांचवें गेंदबाज बने। उनके खाते में 81 टेस्टों में 384 विकेट हैं और इस सीरीज में वह 400 विकेट पूरे कर सकते हैं।