नई दिल्ली : राजधानी के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की लेटलतीफी और हाजिरी में की जा रही घपलेबाजी पर रोक लगाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई है। इस फैसले से भले ही विभाग संतुष्ट है, लेकिन इससे शिक्षकों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। दरअसल स्कूलों में लगी बायोमेट्रिक मशीन में खराबी होने की वजह से शिक्षकों को आए दिन समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।

ताजा मामला नॉर्थ वेस्ट ए जिले का है, जहां शिक्षकों और स्कूल के अन्य स्टाफ को बायोमेट्रिक मशीन में हाजिरी लगाने के लिए पांच मिनट तक का समय लग रहा है। यहां तक कि कई बार तो लाइन में लगने तक की नोबत आ जाती है। नॉर्थ वेस्ट ए जिले के अंतर्गत लगभग 120 सरकारी स्कूल हैं। प्रत्येक स्कूल में एक बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई है। जानकारी के मुताबिक इनमें से लगभग आधे से अधिक स्कूलों में पिछले कुछ दिनों से बायोमेट्रिक मशीन के अचानक हैंग और सर्वर डाउन होने की वजह से शिक्षकों को हाजिरी लगाने के लिए खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक होगी

इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के मुताबिक उन्हें ज्यादातर दोपहर के वक्त हाजिरी लगाने के लिए समय बर्बाद करना पड़ता है। वहीं इस बारे में शिक्षाविद डॉ. डीके तनेजा का कहना है कि प्रत्येक स्कूल में कम से कम चार बायोमेट्रिक मशीन लगाई जानी चाहिए, जिससे अगर एक मशीन में समय लग रहा है तो शिक्षक अन्य तीन में हाजिरी लगा सकते हैं।