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भाजपा पार्षदों को नहीं मिलेगा विधानसभा का टिकट

नई दिल्ली : विधानसभा चुनावों में टिकट की आस लगाए बैठे सभी निगम पार्षदों को साफ-साफ कह दिया गया है कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगा। इतना नहीं नहीं उन्हें यह भी खरी-खरी कह दी गई कि अपने-अपने वार्ड से पार्टी प्रत्याशी को जिताकर भेजना उनकी जिम्मेदारी होगी। पार्षद हर महीने अपना रिपोर्ट कार्ड खुद तैयार करें। पार्टी कभी भी-कहीं भी इसकी जांच कर सकती है। दिल्ली विधानसभा में 21 साल का वनवास खत्म करने के लिए सब कमर कस ले। प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन तो दो टूक बोलकर सभी पार्षदों के सपने तोड़ दिए। 

दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सभी पार्षदों की एक मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू व संगठन महामंत्री सिद्धार्थन मौजूद थे। इस मीटिंग में संगठन मंत्री पार्षदों को स्पष्ट कह दिया कि कोई भी पार्षद टिकट के लिए दौड़ ना लगाए। किसी भी पार्षद को टिकट नहीं मिलेगा। उन्होंने कुछ पार्षदों से पूछा कि क्या उन्हें पता था कि निगम का फलां पद उन्हें मिलेगा तो वह बोले नहीं। इसी तरह पार्षद अपना काम बेहतर तरीके से करते रहे। उन्होंने साफ कर दिया कि पार्षदों की जिम्मेदारी है कि वह अपने वार्ड से पार्टी के प्रत्याशी को जिताकर भेजें। 

अगर कहीं पार्टी को लगेगा कि पार्षद को टिकट दिया जाना चाहिए तो उस पर संगठन फैसला लेगा। लेकिन ऐसा ना हो कि सभी पार्षद टिकट के फेर में लगे रहे। पार्षद को विधानसभा लड़वाएं फिर खाली सीट पर किसी को पार्षद लड़ाया जाए तो यह तो ऐसे ही चलता रहेगा। आप लोगों को पार्टी ने बहुत कुछ दे दिया है। अब बारी आपकी है। तीखे तेवर दिखाते हुए संगठन महामंत्री सिद्धार्थन यह भी साफ कर दिया कि पार्टी की नजर सब पर है। हर पार्षद अपना रिपोर्ट कार्ड तैयार करें कि वह कितने काम जनता के करते हैं। कितना समय वह जनता को देते हैं। हर महीने के इस रिपोर्ट कार्ड को कभी भी देखा जा सकता है। पार्षदों को चाहिए वह अपना अधिक से अधिक समय जनता को दें। 

जनता के बीच जाकर उनके कामों को पूछे और उन्हें पूरा करने का प्रयत्न करें। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का दिल्ली में 21 साल का वनवास हो चुका है। इस खत्म करने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि पूर्वी निगम के पार्षदों को स्पष्ट संदेश देकर संगठन महामंत्री ने उत्तरी व दक्षिणी निगम के पार्षदों को संदेश दे दिया है वह टिकट के फेर में ना रहे। साथ ही यह भी परिक्रमा से कुछ नहीं होगा, काम करने से पार्टी खुश होगी। पार्षदों के हर अच्छे-बुरे काम पर पार्टी की नजर है। उल्लेखनीय है कि इसी तरह पार्टी ने निगम चुनावों में एक साथ सभी पार्षदों को टिकट काटकर नए लोगों को चुनाव लड़ाया था। इस पर काफी हो-हल्ला भी हुआ था। लेकिन इसका पार्टी को फायदा मिला तो भाजपा चुनाव जीत गई। 

- सतेन्द्र त्रिपाठी