दिल्लीवासियों को इस बार नए साल की पूर्व संध्या पर जामिया मिलिया इस्लामिया में अलग ही तरह का जश्न देखने को मिला, जहां छात्रों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अन्य स्थानीय लोगों के साथ दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में राष्ट्रगान गाकर नए साल का स्वागत किया।
इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो में छात्रों को स्थानीय लोगों के साथ सीएए और एनआरसी से ‘आजादी’ की मांग करते हुए देखा जा सकता है, वहीं वहां कई लोग राष्ट्र ध्वज फहराते और सीएए के खिलाफ नारों वाली तख्तियां लिए हुए हैं। रात में 12 बजते ही प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने राष्ट्रगान गाया और उसके बाद इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए।
हालांकि कुछ वीडियोज और तस्वीरों में कुछ लोगों को साथी प्रदर्शनकारियों को बिरयानी बांटते हुए भी देखा जा सकता है। मंच पर लगे बैनर पर लिखा था, ‘द आजादी नाइट’। ट्विटर पर इस कदम की प्रशंसा हो रही है और शुरुआत में 32.2 हजार ट्वीट्स के साथ हैशटैज नेशनलएंथम ट्रेंड कर रहा था।
इसमें एक यूजर ने लिखा, “रोंगटे खड़े हो गए.. जब दिल्ली की फिजाओं में ‘जन गण मन अधिनायक जय हे’ की आवाज गूंज उठी। लगभग दो डिग्री सेल्सियस तापमान है, लेकिन लोग खुले आसमान के नीचे अपने बच्चों के साथ राष्ट्रगान गाते हुए 2020 का उत्सव मना रहे हैं। सलाम.. राष्ट्र के प्रति यह उनका सच्चा प्यार है।हैशटैगशाहीनबाग।”
एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन दिया, “हमने नए साल का स्वागत ऐसे किया- राष्ट्रगान और ‘हम एक हैं’ के शोर के साथ। हैशटैगइंकलाबजिंदाबाद।”


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