नई दिल्ली : वोटर लिस्ट से लोगों के नाम काटने के मामले को दिल्ली सरकार सीबीआई को सौंप सकती है। इस संबंध में सदन में संकल्प पर चर्चा करते हुए चुनाव मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग ने दिल्ली के 10 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटवा दिए।

चुनाव आयोग ने बिना कोई जांच किए घर बैठे उनके नाम काट दिए। दिल्ली सरकार इसकी जांच करवाएगी। जरूरत हुई तो इस मामले को सीबीआई को भी सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलओ ने बिना जांच किए जेजे कलस्टर सहित अन्य गरीब लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे हैं, इसकी गंभीरता से जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं इस संबंध में आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने संकल्प रखा जिसमें कहा गया कि एक राजनीतिक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। दिल्ली सरकार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस संबंध में चर्चा भी की लेकिन कोई हल नहीं निकला।

संकल्प में कहा गया कि जिन लोगों के नाम काटे गए हैं उनकी सूची चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जानी चाहिए। साथ ही उसकी कॉपी राजनीतिक पार्टी को भी उपलब्ध होनी चाहिए। सीईओ को तुरंत राजनीतिक पार्टी के सदस्यों के साथ डोर टू डोर कैंपेन शुरू करना चाहिए। इस दौरान वीडियोग्राफी भी की जानी चाहिए।

यह पूरा कार्य लोकसभा चुनाव से पहले तीन माह में पूरा हो जाना चाहिए। जांच के दौरान जो दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और सही वोटर के नाम को फिर से लिस्ट में शामिल किया जाए। सदन में चर्चा के बाद उक्त संकल्प को पास कर दिया गया।

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