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दिल्ली – एन. सी. आर.

चिदंबरम मामला : दिल्ली HC ने स्पष्ट किया कि अन्य मामले के तथ्यों का केवल संदर्भ के लिए उल्लेख

 delhi hc

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को जमानत देने से इनकार करने वाले उसके आदेश में अन्य मामले के तथ्यों का उल्लेख केवल संदर्भ के लिए किया गया है। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा कि 15 नवंबर के आदेश में कहीं भी यह उल्लेख नहीं किया गया था कि एक विशेष पैराग्राफ में की गई टिप्पणियां चिदंबरम के मामले की हैं। 

आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में चिदंबरम इस समय जेल में हैं। अदालत ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेने के बाद यह स्पष्टीकरण दिया है। न्यायमूर्ति कैत ने कहा कि 15 नवंबर के जमानत याचिका खारिज करने के आदेश के पैराग्राफ 40 में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि आरोपों का संबंध चिदंबरम के मामले से है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए इसमें कोई त्रुटि नहीं है। हालांकि उक्त पैराग्राफ (40) को रोहित टंडन के मामले के आरोपों के तौर पर पढ़ा जाए।’’ 

अदालत ने यह स्पष्टीकरण प्रवर्तन निदेशालय की याचिका का निपटारा करते हुए दिया जिसमें 15 नवंबर के आदेश के कुछ पैराग्राफ में ‘भूलवश अथवा असावधानीवश हुई त्रुटि’ में सुधार का अनुरोध किया गया था। चिदंबरम के अधिवक्ता ने प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह विचार योग्य नहीं है और जमानत का आदेश पारित करने वाली इस अदालत को लेखन में हुई चूक या त्रुटि के अतिरिक्त और कोई बदलाव करने का अधिकार नहीं है, लेकिन यहां पर मामला अलग है। 

निदेशालय के आवेदन में कहा गया था कि, ‘‘अनजाने में, इससे ऐसा लगा रहा है कि निदेशालय ने फैसले के इस अंश को अपना आधार बनाया था जबकि इसे फैसले के अंश के रूप में उद्धृत किया गया है और 15 नवंबर के आदेश में इसका हवाला इस तरह दिया गया है कि मानो प्रवर्तन निदेशालय ने यह दलील दी थी।’’ न्यायमूर्ति कैत ने 15 नवंबर के अपने 41 पृष्ठों के आदेश में 2017 के उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेशों के कुछ पैराग्राफों का हवाला दिया जिसमें धन शोधन के एक मामले में दिल्ली के वकील रोहित टंडन की जमानत खारिज कर दी गई थी। 

टंडन को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। वह नोटबंदी से संबंधित धन शोधन मामले में एक आरोपी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने धन शोधन मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के शुक्रवार के आदेश को चुनौती देते हुए सोमवार को उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की है। आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में ईडी ने 16 अक्टूबर को 74 वर्षीय चिदंबरम को गिरफ्तार किया था।