BREAKING NEWS

दिल्ली में हुई हिंसा में मारे गए IB अफसर अंकित शर्मा के परिजनों ने शहीद का दर्जा देने की मांग◾CAA को लेकर अमित शाह का ममता और कांग्रेस पर करारा वार - 'अरे इतना झूठ क्यों बोलते हो'◾निर्भया मामला : फांसी के सजा को उम्रकैद में बदलने के लिए दोषी पवन ने दी याचिका ◾कांग्रेस के अलावा 6 अन्य विपक्षी ने भी राष्ट्रपति कोविंद को लिखा पत्र, दिल्ली हिंसा के आरोपियों पर दर्ज हो FIR◾दिल्ली हिंसा : मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 41, पीड़ितों से मिलने पहुंचे LG अनिल बैजल ◾रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर वार, बोले- राजधर्म का उपदेश न दें सोनिया◾प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले छावनी में तब्दील हुआ प्रयागराज, जानिये 'विश्व रिकार्ड' बनाने का पूरा कार्यक्रम ◾ ताहिर हुसैन के कारखाने में पहुंची दिल्ली फोरेंसिक टीम, जुटाए हिंसा से जुड़े सबूत◾जानिये कौन है IB अफसर की हत्या के आरोपी ताहिर हुसैन, 20 साल पहले अमरोहा से मजदूरी करने आया था दिल्ली ◾एसएन श्रीवास्तव नियुक्त किये गए दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, कल संभालेंगे पदभार ◾जुमे की नमाज़ के बाद जामिया में मार्च , दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती भरा दिन◾CAA को लेकर आज भुवनेश्वर में अमित शाह करेंगे जनसभा को सम्बोधित ◾CAA हिंसा : उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अब हालात सामान्य, जुम्मे के मद्देनजर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम कायम◾CAA को लेकर BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा बोले - कांग्रेस जो नहीं कर सकी, PM मोदी ने कर दिखाया◾Coronavirus : चीन में 44 और लोगों के मौत की पुष्टि, दक्षिण कोरिया में 2,000 से अधिक लोग पाए गए संक्रमित ◾भारत ने तुर्की को उसके आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी◾राष्ट्रपति कोविंद 28 फरवरी से 2 मार्च तक झारखंड और छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे◾संजय राउत ने BJP पर साधा निशाना , कहा - दिल्ली हिंसा में जल रही थी तो केंद्र सरकार क्या कर रही थी ?◾PM मोदी 29 फरवरी को बुंदेलखंड एक्स्प्रेस-वे की रखेंगे नींव◾दिल्ली हिंसा : SIT ने शुरू की जांच, मीडिया और चश्मदीदों से मांगे 7 दिन में सबूत◾

कुपोषण से बच्ची की मौत, पिता और दादी को छह महीने की कैद

राजधानी की एक अदालत ने कुपोषण की वजह से मृत्यु की शिकार हुई एक बच्ची के पिता और दादी को छह महीने कैद की सजा सुनाते हुए कहा कि केवल ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ नारे से बच्चियों की जान नहीं बच सकती है। अदालत ने दोनों को बच्ची की उचित देखभाल न करने के जुर्म में सजा सुनाई। 

इसने कहा कि दो साल की बच्ची की देखभाल की सारी जिम्मेदारी दोनों दोषियों की थी। वैवाहिक विवाद के बाद बच्ची का संरक्षण उसके पिता और दादी के पास था। 19 फरवरी 2014 को बच्ची अचानक बेहोश हो गई और उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि बच्ची बुरी तरह कुपोषित थी और दो महीने में उसका वजन सामान्य से घटकर काफी कम हो गया। 

बच्ची की जब मौत हुई तो उस समय उसका वजन महज पांच किलोग्राम था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरदीप सिंह सैनी ने कहा कि यह उल्लेख करना आवश्यक है कि बच्चियों की उचित देखरेख में अनदेखी लगातार जारी है। न सिर्फ माता-पिता, बल्कि समूचा समाज उन्हें बचाने में विफल रहा है। 

उन्होंने कहा कि इस मामले में तब बेशर्मी की हद पार हो गई जब एक पड़ोसी यह गवाही देने के लिए आ गया कि दोषियों ने बच्ची को खूब प्यार दिया और उचित देखरेख की। अदालत ने कहा कि सिर्फ ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ नारे से बच्चियों की जान नहीं बचाई जा सकती। 

अदालत ने बच्ची के पिता और दादी दोनों को बाल न्याय कानून की धारा 23 (बच्चे पर क्रूरता) के तहत दोषी ठहराया। इसने कहा कि मौत से दो महीने पहले बच्ची अपनी दादी उषा और पिता दीपक पांचाल के संरक्षण में थी। इसने कहा कि बच्ची का संरक्षण लेने के बाद दोषी उसे एक बार भी डॉक्टर के पास तक लेकर नहीं गए। 

अदालत ने बच्ची के पिता से अलग हुई उसकी मां को भी झाड़ लगाई, लेकिन उसे यह कहते हुए कोई सजा नहीं सुनाई कि पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की है। 

इसने बच्ची की मां को झाड़ लगाते हुए कहा कि यद्यपि वह मुआवजे की हकदार है, लेकिन उसे कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा क्योंकि उसने बच्ची की मौत के बाद भी उसके प्रति कोई प्यार नहीं जताया। न तो वह बच्ची का अंतिम संस्कार करने के लिए खुद आगे आई और न ही बच्ची के अंतिम संस्कार में शामिल हुई। 

अदालत ने बच्ची की मां की याचिका पर कहा कि हालांकि वह मुआवजे की हकदार है, लेकिन उसे कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा क्योंकि वह खुद अपनी बेटी की उचित देखरेख न करने की दोषी है। क्योंकि पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की है, इसलिए उसे आरोपमुक्त किया जा रहा है। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार बच्ची की मां रजनी ने वर्ष 2013 में अपने पति पांचाल के खिलाफ भादंसं की धारा 498 ए के तहत मामला दायर किया था। बाद में अदालत में दोनों में समझौता हो गया था, लेकिन फिर भी उन्होंने अलग रहना शुरू कर दिया था।