नई दिल्ली : सीलिंग के खिलाफ कांग्रेस ने ‘न्याय युद्ध’ के तीसरे चरण में करोल बाग को चुना है। इसके तहत 14 ​सितम्बर को करोल बाग के पद्म सिंह रोड पर ‘व्यापार बचाओ-मजदूर बचाओ’ रैली करने का निर्णय किया है। अभियान समिति के संयोजक मुकेश शर्मा ने कहा कि करोल बाग की रैली में कांग्रेस ‘न्याय युद्ध’ को नई दिशा देते हुए सीलिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की घोषणा करेगी। इस मौके पर युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ब्रह्म यादव, करोल बाग जिला अध्यक्ष मदन खोरवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चतर सिंह तथा मुख्य मीडिया प्रभारी मेहंदी माजिद आदि उपस्थित थे।

मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली नगर निगम ने 2000 करोड़ से भी ज्यादा की राशि दिल्ली वालों से वसूली है, जो न केवल गैर कानूनी है, बल्कि तयशुदा नियमों के खिलाफ भी है। मकेश शर्मा ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस के कार्यकाल में तत्कालीन शहरी विकास राज्यमंत्री अजय माकन के कार्यकाल में 2538 सड़कों को मिक्स लैंड यूज और कमर्शियल करने की अधिसूचना जारी की गई थी। उस समय यह निर्णय किया गया था कि एकमुश्त 8 साल का कन्वर्जन शुल्क देने के बाद कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा या हर साल लगातार 10 साल तक शुल्क देने के बाद कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

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लेकिन आज दोनों ही बातों को निगम मानने से मना कर रहा है और 54 प्रतिशत पेनल्टी के साथ जबरन कन्वर्जन शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 351 सड़कों की अधिसूचना को भी आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने रोक रखा है। रैली की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि करोल बाग में 200 छोटी बड़ी नुक्कड़ सभाएं अगले तीन दिन में की जाएगी। इसके अलावा पार्टी ने रैली के प्रचार के लिए पांच रथ बनवाए हैं और बड़े पैमाने पर प्रचार सामग्री छापी गई है।