BREAKING NEWS

गुजरात में कोरोना के 376 नये मामले सामने आये, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15205 हुई ◾पड़ोसी देश नेपाल की राजनीतिक हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है भारत◾कोरोना वायरस : आर्थिक संकट के बीच पंजाब सरकार ने केंद्र से मांगी 51,102 करोड रुपये की राजकोषीय सहायता◾चीन, भारत को अपने मतभेद बातचीत के जरिये सुलझाने चाहिए : चीनी राजदूत◾महाराष्ट्र : 24 घंटे में कोरोना से 105 लोगों की गई जान, मरीजों की संख्या 57 हजार के करीब◾उत्तर - मध्य भारत में भयंकर गर्मी का प्रकोप , लगातार दूसरे दिन दिल्ली में पारा 47 डिग्री के पार◾नक्शा विवाद में नेपाल ने अपने कदम पीछे खींचे, भारत के हिस्सों को नक्शे में दिखाने का प्रस्ताव वापस◾भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने की मध्यस्थता की पेशकश◾चीन के साथ तनातनी पर रविशंकर प्रसाद बोले - नरेंद्र मोदी के भारत को कोई भी आंख नहीं दिखा सकता◾LAC पर भारत के साथ तनातनी के बीच चीन का बड़ा बयान , कहा - हालात ‘‘पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण-योग्य’’ ◾बीते 24 घंटों में दिल्ली में कोरोना के 792 नए मामले आए सामने, अब तक कुल 303 लोगों की मौत ◾प्रियंका ने CM योगी से किया सवाल, क्या मजदूरों को बंधुआ बनाना चाहती है सरकार?◾राहुल के 'लॉकडाउन' को विफल बताने वाले आरोपों को केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने बताया झूठ◾वायुसेना में शामिल हुई लड़ाकू विमान तेजस की दूसरी स्क्वाड्रन, इजरायल की मिसाइल से है लैस◾केन्द्र और महाराष्ट्र सरकार के विवाद में पिस रहे लाखों प्रवासी श्रमिक : मायावती ◾कोरोना संकट के बीच CM उद्धव ठाकरे ने बुलाई सहयोगी दलों की बैठक◾राहुल गांधी से बोले एक्सपर्ट- 2021 तक रहेगा कोरोना, आर्थिक गतिविधियों पर लोगों में विश्वास पैदा करने की जरूरत◾देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार, अब तक 4 हजार से अधिक लोगों ने गंवाई जान◾राजस्थान में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 7600 के पार, अब तक 172 लोगों की मौत हुई ◾Covid-19 : राहुल गांधी आज सुबह प्रसिद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ करेंगे चर्चा ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

जेएनयू हिंसा रोकने में विफलता को लेकर केंद्र, दिल्ली पुलिस के खिलाफ अवमानना याचिका दायर

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है जिसमें जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में भीड़ हिंसा को रोकने और इससे निपटने के लिए शीर्ष अदालत के निर्देश का कथित तौर पर पालन न करने को लेकर केंद्र और दिल्ली पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। 

तहसीन पूनावाला द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने 17 जुलाई 2018 को सरकार और पुलिस अधिकारियों के लिए भीड़ हिंसा को रोकने और इससे निपटने के वास्ते एहतियातन और उपचारात्मक दिशा-निर्देश जारी किए थे तथा निष्कर्ष दिया था कि कोई भी व्यक्ति निजी हैसियत से या समूह के रूप में कानून को अपने हाथों में नहीं ले सकता और दूसरे से दोषी के रूप में व्यवहार नहीं कर सकता। 

याचिका में कहा गया कि कथित अवमाननकर्ता/प्रतिवादी (भारत सरकार) जेएनयू परिसर में पांच जनवरी 2020 को घुसने वाले नकाबपोश शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है और दोषियों के खिलाफ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। 

इसमें कहा गया कि शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह सीआरपीसी की धारा 129 के तहत अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर ऐसी किसी भी भीड़ को तितर-बितर करे जो उसके मत के हिसाब से हिंसा कर सकती हो या समाज के स्वयंभू ठेकेदार अथवा किसी अन्य रूप में किसी व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने की प्रवृत्ति रखती हो। 

उन्होंने कहा कि हालांकि जब लाठी-डंडों, हथौड़ों और अन्य हथियारों से लैस नकाबपोश शरारती तत्वों ने, जिनका बुरा इरादा एकदम स्पष्ट था, परिसर में प्रवेश किया तो वहां तैनात दिल्ली पुलिस ने उन्हें नहीं रोका। याचिका में विगत जुलाई के न्यायालय के आदेश का जानबूझकर अनुपालन न करने को लेकर कथित अवमाननाकर्ताओं के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई।