नई दिल्ली : गत दो दिनों से लोगों को रुला रही दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को भी यात्रियों के आंसू निकाल दिये। बुधवार और गुरुवार को बाधित रही मेट्रो सेवा के बाद लोगों ने उम्मीद की थी उन्हें शुक्रवार को मेट्रो का सुहावना सफर नसीब होगा लेकिन शुक्रवार को भी लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

सुबह से ही मेट्रो ट्रेन की धीमी रफ्तार और लंबे इंतजार ने यात्रियों को खूब परेशान किया। तकनीकी खामी पर पूरी तरह नियंत्रण न पाए जाने के चलते द्वारका से वैशाली के बीच में दो लूप पर मेट्रो चलाई गई। इस बीच यात्रियों को यमुना बैंक पर द्वारका और वैशाली जाने के लिए ट्रेन बदलनी पड़ी, जबकि पूरी लाइन पर एक मिनट की जगह छह से 10 मिनट के बीच ट्रेनें मिलने से यात्री बेहाल रहे।

फिलहाल डीएमआरसी ने ब्लू लाइन पर चल रही तकनीकी खराबी के पूरे तरह से ठीक होने के संबंध में कोई स्पष्ट समयावधि नहीं बताई है, लिहाजा यात्रियों के लिए ब्लू लाइन में सफर करना परेशानी का सबब बन सकता है। परेशानी के चलते यात्रियों में डीएमआरसी के प्रति गुस्सा व्याप्त है।

डीएमआरसी का यह है कहना
शुक्रवार को ब्लू लाइन पर मेट्रो की धीमी रफ्तार और लंबी इंतजार के संबंध में डीएमआरसी ने कहा कि तकनीकी खराबी की मॉनिटरिंग के चलते पूरी लाइन पर आठ जगहों पर इंटरलॉकिंग प्वाइंट्स बनाए गए , जिनमें द्वारका सेक्टर-9, जनकपुरी वेस्ट, राजौरी गार्ड, करोल बाग, बाराखंबा, यमुना बैंक, नोएडा सेक्टर-16 और आनंद विहार शामिल हैं। तकनीकी खराबी पूरी तरह ठीक होने तक इंटरलॉकिंग के कारण इन प्वाइंट्स पर मेट्रो की गति धीमी रहेगी। हालांकि डीएमआरसी ने तकनीकी खराबी के पूरे तरह ठीक होने के संबंध में कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बतायी।

रुक-रुककर चली मेट्रो… शुक्रवार को मेट्रो सेवा शुरू होने से ही द्वारका-वैशाली सेक्शन पर दो लूप में मेट्रो चलाई गई। मेट्रो के यात्री सुमित कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम को वे द्वारका से चार घंटे में वैशाली पहुंचे। जबकि शुक्रवार को भी उन्हें वैशाली से यमुना बैंक तक आने में करीब एक घंटा लग गया। मेट्रो की बेहद धीमी रफ्तार में चली और कई जगह बीच में रुकी रही। उन्होंने कहा कि मेट्रो की हालत अब पैसेंजर ट्रेन से भी ज्यादा स्लो होती जा रही है।

उद्घोषणा भी रही नदारद… मेट्रो की खराबी से परेशान यात्री खराबी के संबंध में उद्घोषणा न होने से भी बेहाल दिखे। अवनीश तिवारी ने बताया कि उन्हें वैशाली से राजीव चौक जाना था और मेट्रो के लिए 10 मिनट से ज्यादा का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यमुना बैंक पहुंचते-पहुंचते ट्रेन कई जगह रुकी और सामने से ट्रेन क्रॉस होने के बाद आगे बढ़ी।

उन्होंने कहा कि इस बीच तकनीकी खराबी को लेकर ट्रेन में कोई उद्घोषणा नहीं हुईं, यमुना बैंक पर मेट्रो रुकने के बाद एक मेट्रो सफाई कर्मी ने ट्रेन के कोच के बीच से गुजरते हुए यात्रियों की सूचित किया कि ट्रेन यमुना बैंक पर खाली करनी है, उसके बाद यात्रियों ने नोएडा की ओर से आ रही ट्रेन पकड़ी।

नॉन पीक ऑवर्स में हुई परेशानी…
मेट्रो यात्री सचिन कुमार ने बताया कि उन्हें उत्तम-नगर से राजीव चौक आना था और दोपहर के समय में नॉन पीक आवर्स में भी उन्हें करीब 8 मिनट में मेट्रो मिली। इसके बाद मेट्रो की रफ्तार भी काफी धीमी रही। उन्होंने बताया कि उन्हें अमूमन राजीव चौक पहुंचने में 30 मिनट लगते हैं, लेकिन शुक्रवार को वह करीब 50 मिनट में राजीव चौक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिये और तकनीकी खराबी को पकड़ने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना चाहिए, ताकि यात्रियों को तीन दिनों तक मेट्रो की धीमी चाल से परेशान न होना पड़े।