दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंडोली जेल में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर शुक्रवार को आप सरकार तथा जेल अधिकारियों से जवाब मांगा।

मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति ए जे भंबानी की पीठ ने मंडोली जेल के कुछ कैदियों द्वारा की गयी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए स्वत: जनहित याचिका शुरू की। इस मामले में अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी।

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जनहित याचिका में मंडोली जेल संख्या 12 में कथित भ्रष्ट आचरण को रेखांकित किया गया है। याचिका में कहा गया है कि जब एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जेल का दौरा किया था तो कैदियों ने जेल अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और उत्पीड़न की शिकायतें कीं।

याचिका में कहा गया है कि कैदियों ने दावा किया था कि भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर उनकी पिटाई की गयी और दंडित किया गया। उनकी शिकायतों के बाद दो कैदियों को मंडोली जेल से तिहाड़ जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।