दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को आईएसआईएस-प्रेरित आतंकी मॉड्यूल के कथित सदस्य मोहम्मद फैज को एक मई तक के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में सौंप दिया। इस मॉडयूल के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उत्तर प्रदेश को दहलाने की साजिश रची जा रही थी।
अपर सत्र न्यायाधीश राकेश स्याल ने फैज से पूछताछ के लिए उसे एनआईए को सौंप दिया। उसे कल गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने आगे जांच के लिए उसे सात दिन में हिरासत में देने की मांग की थी। एनआईए ने अदालत से कहा कि फैज एनसीआर और उत्तर प्रदेश में बम विस्फोटों की साजिश का मुख्य षडयंत्रकारी था।
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एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा कि फैज आईएसआईएस प्रेरित हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का प्रमुख सदस्य था। उसने कहा कि जांच में पता चला है कि वह गिरोह के लिए साजोसामान खरीदने में शामिल था ताकि आतंकी हमलों को अंजाम दिया जा सके। बचाव पक्ष के वकील एमएस खान ने एजेंसी की दलील का विरोध करते हुए कहा कि फैज पहले से जांच में शामिल है और उसे एजेंसी की रिमांड में भेजने की कोई जरूरत नहीं है।
एनआईए के अनुसार यह मामला कथित तौर पर आईएस आतंकवादियों की तरफ झुकाव वाले एक समूह से संबंधित है जिन्होंने एक आतंकवादी संगठन बनाया और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के उद्देश्य से आतंकी हमलों की साजिश रची। इस मामले में दावा किया गया है कि स्थानीय रूप से निर्मित रॉकेट लांचर, आत्मघाती हमलों के लिए जैकेट, 112 घड़ियां और 25 किलोग्राम विस्फोटक और अन्य सामान जब्त किए गए।


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