BREAKING NEWS

पश्चिम बंगाल : एक और बंगाली एक्ट्रेस ने की आत्महत्या, 15 दिन में तीसरी मॉडल ने उठाया यह कदम ◾यासीन मलिक को उम्र कैद की सजा सुनाने वाले जज को दी जाएगी 'Y Category' की सुरक्षा? जानें पूरा मामला ◾1 जून से बदल जाएंगे ये 5 नियम, जानें कैसे बढ़ जाएगा आम आदमी की जेब का बोझ◾विधानसभा में छलका शिवपाल का दर्द... अखिलेश पर जमकर साधा निशाना, CM योगी को लेकर कही यह बात ◾यूपी : मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट हुई योगी सरकार, अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों पर रखेगी नजर ◾राजस्थान : खेल मंत्री के ट्वीट पर बोले CM गहलोत, गंभीरता से न ले उनकी टिप्पणी, तनाव में कही होगी यह बात ◾Share Market : शेयर बाजार ने की अच्छी शुरुआत, खुलते ही 500 अंक चढ़ा सेंसेक्स ◾अरुणाचल प्रदेश नहीं है कचरे का ढेर, कुत्ता टहलाने वाले IAS के तबादले पर भड़कीं महुआ मोइत्रा◾30 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल तो इमरान ने शहबाज शरीफ पर बोला हमला, भारत की तारीफ में पढ़े कसीदे◾World Corona : 52.78 करोड़ के पार पहुंचे मामले, अब तक 62.8 लाख मरीजों की हो चुकी है मौत ◾देश में एक दिन में 3 हजार के करीब नए मामले, 15814 पहुंचा एक्टिव केस का आंकड़ा ◾भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री को मिला बुकर प्राइज 2022, उपन्यास 'रेत समाधि' के अंग्रेजी अनुवाद को मिला खिताब ◾देश के पहले PM जवाहर लाल नेहरू की 58वीं पुण्यतिथि, प्रधानमंत्री मोदी-सोनिया ने दी श्रद्धांजलि ◾J&K : टीवी कलाकार की हत्या में शामिल दोनों आतंकी ढेर, श्रीनगर में भी 2 दहशतगर्दों का हुआ सफाया◾आज का राशिफल ( 27 मई 2022)◾त्यागराज स्टेडियम में कुत्ता घुमाने वाले IAS अधिकारी संजीव खिरवार का लद्दाख ट्रांसफर, पत्नी का अरुणाचल तबादला◾PM मोदी के नेतृत्व और सशस्त्र बलों के योगदान ने भारत के प्रति दुनिया के नजरिये को बदला : राजनाथ◾PM मोदी ने तमिल भाषा का किया जिक्र , स्टालिन ने ‘सच्चे संघवाद’ को लेकर साधा निशाना◾भारत, यूएई ने जलवायु कार्रवाई के लिए समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर ◾J&K : कश्मीर में टीवी कलाकार की हत्या में शमिल दो आतंकवादी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में घिरे◾

दिल्ली बार काउंसिल ने हाईकोर्ट को दिया सुझाव, वकीलों को स्मार्ट कार्ड के जरिए अदालत परिसरों में मिले प्रवेश

दिल्ली के सभी वकीलों के संगठनों ने दिल्ली उच्च न्यायालय को मंगलवार को अक अच्छी सलाह दी कि अदालत परिसरों में वकीलों को डिजिटल चिप लगे स्मार्ट कार्ड के आधार पर ही प्रवेश दिया जाना चाहिए, ताकि उनकी पहचान का सत्यापन हो सके।

दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) और दिल्ली बार काउंसिल ने रोहिणी अदालत कक्ष में हालिया गोलीकांड में तीन व्यक्तियों की मौत के मद्देनजर अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ के समक्ष कहा कि ये स्मार्ट कार्ड उच्चतम न्यायालय परिसर में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए वकीलों को जारी होने वाले ‘प्रॉक्सिमिटी कार्ड’ की तरह ही होंगे।

रोहिणी अदालत में 24 सितम्बर को हुई थी गोलीबारी 

रोहिणी अदालत में 24 सितम्बर को हुई गोलीबारी की घटना के मद्देनजर अदालत परिसरों में सुरक्षा के संदर्भ में स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। बता दें कि न्यायालय ने इससे पहले केंद्र और दिल्ली सरकार और विभिन्न अधिवक्ता संघों सहित सभी हितधारकों से इस मामले में अपनी राय देने को कहा था, ताकि उसे संबंधित आदेश में शामिल किया जा सके।

दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने कहा, ‘‘वकीलों को सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रॉक्सिमिटी कार्ड’ की तरह के पहचान पत्र के जरिये प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। इन डिजिटलीकृत कार्ड की मेकेनिकल स्कैनिंग होगी।’’

वकीलों को चिप-युक्त नये कार्ड जारी किये जाएंगे

दिल्ली बार काउंसिल की ओर से पेश अधिवक्ता देवेंद्र सिंह ने कहा कि अदालत परिसरों में प्रवेश के नियमन के लिए वकीलों को चिप-युक्त नये कार्ड जारी किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी वकीलों को सुरक्षा जांच के नियमों का पालन करना चाहिए और ऐसा नहीं करने पर इसे कदाचार माना जायेगा।

डीएचसीबीए ने आगे सलाह दी कि वकीलों सहित सभी आगंतुकों की उन्नत मेटल डिटेक्टर्स का इस्तेमाल करके तलाशी ली जानी चाहिए तथा सभी वाहनों की जांच उच्च-तकनीक वाले उपकरणों से की जानी चाहिए। उसने सभी फेरीवालों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की भी सलाह दी है। उसने कहा है कि केवल लाइसेंसधारक दुकानदारों को ही आने-जाने की अनुमति हो और उनके कर्मचारियों को भी पहचान-पत्र जारी किया जाना चाहिए।

अदालत परिसरों में अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए

बीसीडी ने तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की सलाह दी है, जिसमें अदालत कक्ष के अंदर सादे पोशाक में पुलिसकर्मियों को तैनात करना, 24-घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित करना और अदालत परिसर में सुरक्षा की निगरानी के लिए अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।

दोनों वकीलों के निकायों का मत था कि विचाराधीन कैदियों को आभासी माध्यम (वर्चुअल मोड) से पेश किया जाना चाहिए और सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इस मुद्दे पर एक अलग याचिका दायर करने वाले वकील की ओर से पेश अधिवक्ता रॉबिन राजू ने कहा कि बार के सभी सदस्यों को अदालतों में सुरक्षा जांच में सहयोग के लिए एक परामर्श जारी किया जाना चाहिए।

भीड़भाड़ के कारण यह मसला और गंभीर होने वाला है-दिल्ली पुलिस 

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि उनके सुझाव ‘कमोबेश एक जैसे’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि भीड़भाड़ के कारण यह मसला और गंभीर होने वाला है। अदालतें आसान लक्ष्य हैं।” मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘कुल मिलाकर हमें व्यापक सुझाव मिले हैं।’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की। 

जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से किया आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान, बोले- शत्रु की कसनी होगी नकेल

न्यायालय ने कहा, ‘हम उन प्रतिवादियों से भी बहुमूल्य सुझाव की उम्मीद करते हैं, जिन्होंने अब तक हलफनामा दाखिल नहीं किया है, ताकि अदालत परिसरों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी करके करके मामले को बंद किया जा सके।’