BREAKING NEWS

पंजाब : नवजोत सिंह सिद्धू ने अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें बताया फुंका कारतूस◾कांग्रेस पटोले को निगरानी में रखे और PM के खिलाफ टिप्पणी के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की जांच कराएं : भाजपा ◾दिल्ली कोर्ट ने शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह का आरोप तय करने का दिया आदेश ◾छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री बघेल ने भाजपा पर लगाया आरोप, कहा- सत्ता में आने के लिए लोगों को बांटने का काम करती है ◾दिल्ली में कोरोना के 5,760 नए मामले सामने आये, संक्रमण दर गिरकर 11.79 ◾ रामपुर से आजम खां और कैराना से नाहिद हसन लड़ेंगे चुनाव, जानिए सपा की 159 उम्मीदवारों की लिस्ट में किसे कहां से मिली टिकट◾केंद्र सरकार को सुभाषचंद्र बोस को देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में मान्यता देनी चाहिए : TMC◾कपटी 1 दिन में प्राइवेट नंबर पर 5 हजार से ज्यादा मैसेज नहीं आ सकते.....सिद्धू का केजरीवाल पर निशाना◾कर्नाटक : मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई अपने पहले बजट की तैयारियों में जुटे ◾गणतंत्र दिवस के बाद टाटा को सौंप दी जाएगी एयर इंड़िया, जानें अधिग्रहण की पूरी जानकारी◾पाक PM ने की नवजोत सिद्धू को मंत्रिमंडल में लेने की सिफारिश, अमरिंदर सिंह ने किया बड़ा खुलासा ◾कांग्रेस ने बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर कसा तंज, कहा- कोरोना काल में बढ़ी अमीरों और गरीबों के बीच खाई ◾पंजाब: NDA में पूरा हुआ बंटवारे का दौर, नड्डा ने किया ऐलान- 65 सीटों पर BJP लड़ेगी चुनाव, जानें पूरा गणित ◾शरजील इमाम पर चलेगा देशद्रोह का मामला, भड़काऊ भाषणों और विशेष समुदाय को उकसाने के लगे आरोप ◾ गणतंत्र दिवस: 25-26 जनवरी को दिल्ली मेट्रो की पार्किंग सेवा रहेगी बंद, जारी की गई एडवाइजरी◾महिला सशक्तिकरण की बात कर रही BJP की मंत्री हुई मारपीट की शिकार, ऑडियो वायरल, जानें मामला? ◾UP चुनाव: SP को लगा तीसरा बड़ा झटका, BJP में शामिल हुए विधायक सुभाष राय, टिकट कटने से थे नाराज ◾देश में कोरोना के मामलों में 15 फरवरी तक आएगी कमी, कुछ राज्यों और मेट्रो शहरों में कम हुए कोविड केस◾UP चुनाव: BJP के साथ गठबंधन नहीं होने के जिम्मेदार हैं आरसीपी, JDU अध्यक्ष बोले- हमने किया था भरोसा.. ◾फडणवीस का उद्धव ठाकरे को जवाब, बोले- 'जब शिवसेना का जन्म भी नहीं हुआ था तब से BJP...'◾

आपराधिक गिरोह के सदस्य को जमानत देने से कोर्ट का इनकार, कहा-समाज के भरोसे पर भी पड़ सकता प्रतिकूल प्रभाव

दिल्ली की एक अदालत ने संगठित आपराधिक गिरोह के एक कथित सदस्य को जमानत देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इनको जमानत देने से अपराधिक न्याय प्रणाली में समाज ने जो भरोसा जताया है, उस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

मोहम्मद उमर और उसके भाइयों के खिलाफ दिल्ली के सीलमपुर थाने में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की विभिन्न धाराओं के तहत 2013 में एक मामला दर्ज किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने कहा कि उनके खिलाफ आरोपों की प्रकृति अत्यंत गंभीर है और अगर जमानत मंजूर की जाती है तो वह संरक्षित गवाहों को धमकी दे सकता है, सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है और अन्य अपराध में उसके संलिप्त होने का खतरा है। 

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता संगठित आपराधिक गिरोह का एक महत्वपूर्ण सदस्य रहा है। उसके खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में खुलासा हुआ है कि उसे अन्य छह मामलों में गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने कहा कि ऐसी गंभीर प्रकृति के मामले और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए नियमित जमानत देने से न केवल मामले की प्रगति पर बल्कि अपराधिक न्याय प्रणाली में समाज के भरोसे पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। 

आरोपी को राहत देने से इनकार करते हुए अदालत ने अभियोजन पक्ष के इस दावे पर भरोसा किया कि उमर ने संगठित अपराध गिरोह बनाने की साजिश रची, उसकी सहायता की और उसका संचालन किया। अदालत ने कहा कि मामले में आठ गवाहों से पूछताछ होना बाकी है। न्यायाधीश ने उमर के वकील की उस दलील पर भी आपत्ति जताई कि उनका मुवक्किल जमानत पाने का हकदार है क्योंकि वह लगभग सात साल से न्यायिक हिरासत में है। 

अदालत ने कहा कि लंबे समय तक हिरासत में रखना किसी ऐसे गंभीर अपराध के आरोपी को जमानत देने का आधार नहीं हो सकता है जिसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव हो सकते हैं। विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि उमर, अपने भाइयों और परिवार के सदस्यों के साथ आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त था। 

उमर के वकील रितेश बाहरी ने अदालत को बताया कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि वह एक संगठित अपराध गिरोह का सदस्य था। वकील ने दलील दी कि समाज से उसका अच्छा जुड़ाव है और उसने डेयरी के कारोबार से संपत्ति अर्जित की है।