BREAKING NEWS

हाफिज सईद की गिरफ्तारी का डोनाल्ड ट्रंप ने किया स्वागत, ट्वीट कर कही ये बात ◾पीएम मोदी सहित कई दिग्गज नेताओं ने कुलभूषण जाधव पर ICJ के फैसले का किया स्वागत◾कुलभूषण जाधव ICJ के फैसले पर सुषमा ने मोदी को कहा शुक्रिया◾ICJ में भारत की बड़ी जीत : 15-1 से कुलभूषण यादव के पक्ष में गया फैसला , फांसी पर रोक ◾ICJ : जाधव मामले में पाकिस्तान ने विएना संधि का उल्लंघन किया, अब लगा तगड़ा झटका◾प्रधानमंत्री मोदी ने 47 से 56 वर्ष आयु वर्ग के भाजपा सांसदों से की मुलाकात ◾उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद, प्रशासन सो रहा है : प्रियंका गांधी◾रामनाथ कोविंद ने नौ क्षेत्रीय भाषाओं में फैसले उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की ◾बंगाल ने पोषण अभियान अपनाने से इंकार कर दिया : स्मृति ईरानी◾UP : सोनभद्र में जमीनी विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प में 9 की मौत, CM योगी ने जांच के दिए निर्देश ◾उत्तराखंड से बीजेपी विधायक प्रणव सिंह चैम्पियन 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित ◾व्हिप को निष्प्रभावी करने वाले SC के फैसले ने खराब न्यायिक मिसाल पेश की : कांग्रेस◾इंच-इंच जमीन से अवैध प्रवासियों को करेंगे बाहर : अमित शाह◾चीन-भारत सीमा पर दोनों देशों के सुरक्षा बलों द्वारा बरता जा रहा है संयम : राजनाथ◾पीछे हटने का सवाल नहीं, विधानसभा की कार्यवाही में नहीं लेंगे हिस्सा : कर्नाटक के बागी विधायक◾मुंबई आतंकवादी हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद लाहौर से गिरफ्तार◾सुप्रीम कोर्ट का फैसला असंतुष्ट विधायकों के लिए नैतिक जीत : येदियुरप्पा◾कर्नाटक संकट : विधानसभा अध्यक्ष बोले- संवैधानिक सिद्धांतों का करुंगा पालन◾कर्नाटक संकट : SC ने कहा-बागी विधायकों के इस्तीफों पर स्पीकर ही करेंगे फैसला◾जम्मू एवं कश्मीर : सोपोर में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़◾

दिल्ली – एन. सी. आर.

दिल्ली सरकार 20-सूत्री कार्यक्रम के तहत 72,00 परिवारों को देगी आवंटित की गई भूमि का मालिकाना हक

आम आदमी पार्टी सरकार ने उन 72,000 परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक देने की तैयारी कर ली है, जिन्हें 70 के दशक में भूमिहीन लोगों को एक कार्यक्रम के तहत खेती के लिए दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान 1975-76 में ‘20-सूत्री कार्यक्रम’ के तहत करीब 12,500 भूमिहीन परिवारों को दिल्ली में खेती के लिए जमीन दी गई थी। 

दिल्ली के सामाजिक न्याय मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, "उस समय, दिल्ली में 360 गांव थे। करीब 12,500 परिवारों को इन गांवों में एकड़ या उससे कम जमीन दी गई थी।" 'असामी' या पट्टेदार के रूप में मान्यता प्राप्त इन परिवारों को भूमि के स्वामित्व के लिए राजस्व विभाग में आवेदन दायर करना था। 

अधिकारी ने दावा किया कि उनमें से कुछ ने नौकरशाही प्रक्रिया के इर्द-गिर्द का रास्ता खोज अपनी जमीन पर मालिकाना हक हासिल कर लिया, जबकि अन्य, विशेष तौर पर अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग, बिना जमीन के रह गए क्योंकि "उनके पास अधिकारियों को रिश्वत देने के पैसे नहीं थे।" 

गौतम ने कहा, "अधर में छोड़ दिए जाने पर, इन परिवारों को अभी तक कोई भूमि नहीं मिली है। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए, नई आवास एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इसलिए उन्हें निकाले जाने का खतरा है।"

मंत्री ने कहा कि एजेंसियों के सरकारी परियोजनाओं के लिए इनकी जमीन का अधिग्रहण करने पर मालिकाना हक वाले लोगों को अच्छा मुआवजा मिलता है। आर्थिक अवसर प्राप्त करने में इनकी पहुंच है, जबकि दिल्ली के 89 गांव के इन 72,000 परिवारों पर बिना किसी मुआवजे के खदेड़े जाने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, "ये परिवार पिछले 40 साल से दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। दिल्ली सरकार ने करीब डेढ साल पहले इसके लिए एक विशेष सत्र का भी आयोजन किया था।"

गौतम ने कहा कि देश में ‘20-सूत्री कार्यक्रम’ के तहत भूमि अधिकार दिए जाते हैं, केवल दिल्ली ही इसमें पीछे है। मंत्रियों, मुख्य सचिव विजय देव, जिला मजिस्ट्रेट और प्रधान सचिव (राजस्व) के बीच हाल ही में हुई बैठक में लंबित मामलों को जल्द निपटाने का आदेश दिया गया था। अधिकारी ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट ने ऐसे परिवारों से मुलाकात करना शुरू कर दिया है और जल्द ही इन मामलों को निपटा लिया जाएगा।