BREAKING NEWS

प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए UAE पहुंचे ◾बिहार के विवादास्पद विधायक अनंत सिंह ने दिल्ली की अदालत में आत्मसमर्पण किया ◾सत्य और न्याय की स्थापना के लिए हुआ श्रीकृष्ण का अवतार : योगी◾अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई उपायों की घोषणा, एफपीआई पर ऊंचा कर अधिभार वापस ◾आईएनएक्स मीडिया मामला : चिदम्बरम ने उच्चतम न्यायालय में नयी अर्जी लगायी ◾विपक्ष के 9 नेताओं के साथ राहुल गांधी कल करेंगे कश्मीर का दौरा ◾TOP 20 NEWS 23 August : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾अर्थव्यवस्था की बिगड़ी हालत पर निर्मला सीतारमण बोली- भारत की आर्थिक स्थिति बेहतर◾सरकार के आर्थिक सलाहकारों ने भी माना कि संकट में है अर्थव्यवस्था : राहुल गांधी◾पेरिस में PM मोदी का संबोधन, बोले-हिंदुस्तान में अब टेंपरेरी के लिए व्यवस्था नहीं◾ईडी मामले में चिदंबरम को मिली राहत, 26 अगस्त तक नहीं होगी गिरफ्तारी◾एफएटीएफ के एशिया प्रशांत समूह ने पाकिस्तान को काली सूची में डाला◾पश्चिम बंगाल : मंदिर में दीवार गिरने से मची भगदड़ में 4 की मौत, ममता बनर्जी ने किया मुआवजा का ऐलान◾मनमोहन सिंह ने राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ◾दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चिदंबरम की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा SC◾SC ने ट्रिपल तलाक को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस ◾कपिल सिब्बल बोले- अर्थव्यवस्था और नागरिकों की आजादी के मकसद को प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत◾जयराम रमेश के बाद बोले सिंघवी- मोदी को खलनायक की तरह पेश करना गलत◾जानिए कैसे हुआ आईएनएक्स मीडिया मामले का खुलासा !◾प्रह्लाद जोशी बोले- यदि चिदंबरम बेकसूर हैं तो कांग्रेस को नहीं करनी चाहिए चिंता◾

दिल्ली – एन. सी. आर.

जनसंख्या विस्फोट से दिल्ली भी है त्रस्त

नई दिल्ली : देश की लगातार बढ़ती जनसंख्या पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां बेतहाशा जनसंख्या विस्फोट हो रहा है। यह जनसंख्या विस्फोट हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संकट पैदा कर रहा है। दिल्ली भी इस जनसंख्या विस्फोट से त्रस्त है। 2021 में अभी दिल्ली की जनसंख्या की गणना होनी है। लेकिन यह 100 सालों में 2 करोड़ से ऊपर जा चुकी है। प्राप्त आंकड़ों के हिसाब से 1911 में दिल्ली की जनसंख्या मात्र 4.14 लाख थी। 

1941 तक यहां के लोगों ने जनसंख्या पर काफी नियंत्रण किया हुआ था। 1941 में 9.18 लाख दिल्ली की जनसंख्या दर्ज की गई। लेकिन देश के आजाद होने के बाद जैसे जनसंख्या बढ़ोतरी में बाढ़ सी आनी शुरू हो गई। 1951 में 17.44 लाख जनसंख्या दिल्ली की दर्ज की गई। वास्तव में इस दशक में दिल्ली में लोगों की बढ़ने की संख्या पाकिस्तान बंटवारे के दौरान की है। उस समय बहुत पाकिस्तान से आने वाले रिफ्यूजियों की संख्या बहुत अधिक थी, उन सभी ने दिल्ली में शरण ली। यह उस हिसाब से बहुत अधिक थी और जो जनसंख्या यहां से बढ़नी शुरू हुई। 

उसने थमने का नाम ही नहीं लिया। जो 2011 में 1 करोड़ 67 लाख 88 हजार पर पहुंच गई थी। और अभी 2021 में जनसंख्या गणना होनी है। लेकिन अभी 2 करोड़ से ऊपर यहां की जनसंख्या दर्ज हो चुकी है। केवल 1950 के दशक में ही सबसे अधिक 6.42 की वार्षिक दर से दिल्ली में ​जनसंख्या बढ़ी। इसके अलावा प्रतिवर्ष दिल्ली में जनसंख्या 4.35 के औसत दर से जनसंख्या बढ़ी है।

जरूरी है परिवार नियोजन... लाल किले पर अपने दिए भाषण में प्रधानमंत्री ने इस समस्या की ओर संकेत किया है। दिल्ली के इन आंकड़ों को देखे तो इसके मद्देनजर परिवार नियोजन की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने भी जनसंख्या नियंत्रण को भी देश भक्ति से जोड़ा है। इसलिए उन्होंने सीमित परिवार को समझाने वालों को बधाई का पात्र माना है। 

और यह जरूरी भी है। अब कुछ नहीं किया गया तो आगे कुछ नहीं किया जा सकेगा। इसलिए उन्होंने भी युवाओं से मांग की है कि आबादी नियंत्रण के लिए छोटे परिवार पर जोर दें। ताकि देश को समृद्ध बनाया जा सके।