BREAKING NEWS

जम्मू कश्मीर में आतंकी हमला, सेना कैंप में घुस रहे 2 आतंकी ढेर, 3 जवान शहीद◾आज का राशिफल (11 अगस्त 2022)◾हर घर तिरंगा अभियान : शौर्य चक्र से सम्मानित सिपाही औरंगजेब की मां ने अपने घर पर फहराया 'तिरंगा'◾दिल का दौरा पड़ने के बाद राजू श्रीवास्तव एम्स में भर्ती , वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखे गए◾माकपा ने 'मुफ्त उपहार' वाले बयान को लेकर PM मोदी पर निशाना साधा◾कांग्रेस ने महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में संजय राठौर को शामिल किए जाने को लेकर BJP पर साधा निशाना◾High Court में जनहित याचिका : याददाश्त खो चुके हैं सत्येंद्र जैन, विधानसभा और मंत्रिमंडल से अयोग्य घोषित किया जाए◾केजरीवाल ने गुजरात में सत्ता में आने पर महिलाओं को 1000 रुपये मासिक भत्ता देने का किया ऐलान ◾ISRO ने गगनयान से जुड़ा LEM परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया◾Corbevax Corona Vaccine : केंद्र सरकार ने वयस्कों को कॉर्बेवैक्स की बूस्टर खुराक देने को दी मंजूरी ◾भारत के अतीत, वर्तमान के लिए प्रतिबद्धता और भविष्य के सपनों को झलकाता है तिरंगा : PM मोदी◾ हिमाचल में भी खिसक सकती हैं भाजपा की सरकार ! कांग्रेस ने विधानसभा में लाया अविश्वास प्रस्ताव ◾काले कपड़ों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर PM मोदी ने कसा तंज, कहा- जनता भरोसा नहीं करेगी...◾जब नीतीश कुमार ने कहा था - येन केन प्रकारेण सत्ता प्राप्त करूंगा, लेकिन अच्छा काम करूंगा◾न्यायमूर्ति यू यू ललित होंगे सुप्रीमकोर्ट के नए प्रधान न्यायधीश ◾दिग्गज कारोबारी अडानी को जेड प्लस सिक्योरिटी, आईबी ने दिया था इनपुट◾शपथ लेने के बाद नीतीश की गेम पॉलिटिक्स शुरू, मोदी के खिलाफ कर सकते हैं ये बड़ा काम ◾नुपूर को सुप्रीम राहत, जांच पूरी न होने तक नहीं होगी गिरफ्तारी, सभी एफआईआर को एक साथ जोड़ा ◾ ‘‘नीतीश सांप है, सांप आपके घर घुस गया है।’’, भाजपा नेता गिरिराज ने याद की लालू की पुरानी बात ◾ सुनील बंसल का बीजेपी में बढ़ा कद, बनाए गए पार्टी महासचिव◾

दिल्ली दंगे: अदालत ने जांच में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी के अभाव को लेकर पुलिस को लगाई फटकार

दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की जांच को लेकर सोमवार को पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि जांच में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी का पूरी तरह अभाव है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने निशार अहमद नामक व्यक्ति की शिकायत पर दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज करने के मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई समीक्षा याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

सत्र अदालत ने कहा कि पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय अहमद की शिकायत को एक प्राथमिकी के साथ जोड़ दिया, जो 25 फरवरी 2020 को हुई केवल एक घटना से संबंधित थी। पुलिस ने यह भी महसूस नहीं किया कि उसकी शिकायत में 24 और 25 फरवरी को हुई दो अलग-अलग घटनाओं का जिक्र किया गया है।

न्यायाधीश ने कहा, ''मुझे राज्य की इस याचिका में कोई तर्क नहीं मिला। जांच एजेंसी कानून के गलत पक्ष की ओर खड़ी दिखाई दी। इस अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित कई मामलों की जांच में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी का अभाव पाया है। अभी सबकुछ खत्म नहीं हुआ है। यदि वरिष्ठ अधिकारी अब इन मामलों की जांच करके सुधारात्मक कदम उठाएं तो पीडि़तों को न्याय मिल सकता है।'' अहमद ने शिकायत दी थी कि 25 फरवरी 2020 को दंगाई भीड़ ने गोकलपुरी इलाके में उसके घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की और बाहर खड़ीं दो मोटरसाइकिलों को आग लगा दी।

शिकायतकर्ता ने दावा था किया कि 24 फरवरी 2020 को एक विशेष समुदाय के लोगों से दूसरे समुदाय के लोगों के घरों में तोड़फोड़ करने और आग लगाने का आह्वान किया गया, जिसके बाद यह घटना हुई। पुलिस ने 24 फरवरी 2020 की घटना का जिक्र किये बिना उसकी शिकायत को 25 फरवरी 2020 को हुई घटना के संबंध में दर्ज एक प्राथमिकी में जोड़ दिया। इस पर मजिस्ट्रेट अदालत ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके खिलाफ पुलिस सत्र अदालत पहुंच गई।