नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के अरुणा आसफ अली अस्पताल में ग्लूकोज की बोतल में फंगस मिलने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि दिल्ली ड्रग कंट्रोल विभाग ने एक और बड़ा खुलासा किया है। इसके अनुसार विभाग द्वारा पिछले छह महीने में किए गए जांच में दिल्ली के तीन अस्पतालों और एक जिला मेडिकल स्टोर में दवाएं गुणवत्ता से कमतर मिली हैं। वहीं राजधानी की तीन दुकानों पर नकली दवाएं भी पकड़ी गई हैं।

दिल्ली ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी एके नासा बताते हैं कि दिल्ली ड्रग कंट्रोलर एके कौशल के नेतृत्व में पिछले छह महीने में विभाग ने 51 स्पेशल इंस्पेक्शन कार्यक्रम चलाए। इसमें 609 डीलरों और रिटेलरों की जांच की गई। इसमें 144 में फार्मासिस्टों की अनुपस्थिति, बिना पर्ची के आदत बनाने वाली दवाएं बेचने और कैशमेमो नहीं देने जैसी गलतियां पाई गईं। जिसके लिए गलतियों के अनुसार उनके लाइसेंस को सस्पेंड भी किया गया।

इसके अलावा विभाग ने इस दौरान 390 लीगत सैंपल लिए गए, जिन्हें लॉरेंस रोड स्थित सरकार के लैब में जांच के लिए भेजा गया। वहीं दवाओं की क्वालिटी जांच के लिए 1073 सर्वे सैंपल लिए गए। इनमें से आठ दवाएं अपनी घोषित गुणवत्ता से कम मिलीं। खास बात यह है कि इनमें से तीन दवाएं सरकारी अस्पताल से और एक जिला मेडिकल स्टोर से ली गई थीं। इसके साथ ही 45 दवाओं की सपेसीमीन सैंपल लिए गए। इनमें से तीमारपुर स्थित दो और भागीरथ पैलेस स्थित एक दवा दुकान से नकली दवा पकड़ी गई। इनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।

– विकास कुमार