सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने शुक्रवार को यहां दिव्यांग युवाओं के लिए वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रतिस्पर्धा 2018 का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) ने रिहैबिलिटेशन इंटरनेशनल (आरआई), कोरिया और उनके सहयोगी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के सहयोग से किया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग युवाओं में आईटी कौशल का विकास करना तथा दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सूचना और कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी के प्रयोग के प्रति जागरुकता बढ़ना है। श्री गुर्जर ने इस अवसर पर दिव्यांग युवाओं की आईटी तक पहुंच को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि वे अन्य युवाओं के समान ही समाज की गतिविधियों में भाग ले सके।

उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों को दिव्यांग युवाओं में आईटी कौशल को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और समावेश के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आईटी प्रौद्योगिकी के उपयोग से उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

सुश्री गेमलिन ने कहा कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी दिव्यांगजनों तक सूचना प्रौद्योगिकी के लाभ को पहुंचाने का प्राथमिक माध्यम है। आज हमारे पास सैकड़ अनुप्रयोग और सॉफ्टवेयर हैं जिनका उपयोग दिव्यांगजनों के जीवन कौशल को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। इसकी सहायता से वे सम्मान का जीवन जी सकते हैं।

आईटी के उपयोग से डिजिटल अंतर में कमी आएगी और दिव्यांगजनों के सामाजिक समावेश का विस्तार होगा। इस अवसर पर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के प्रबंध निदेशक किम की वान ने कहा,’ दिव्यांग युवाओं के लिए वैश्विक आईटी प्रतिस्पर्धा के इस वर्ष भारत में आयोजन से मैं बहुत प्रसन्न हूं। प्रत्येक वर्ष युवा छात्र इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेते हैं, यह उत्साहवर्धक है। इस वर्ष भी इस आयोजन से दिव्यांग युवाओं में मूल्यों का विकास होगा और इससे उन्हें भविष्य का नेतृत्व प्रदान करने में सहायता मिलेगी।’ इस कार्यक्रम में 18 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।