BREAKING NEWS

PNB धोखाधड़ी मामला: इंटरपोल ने नीरव मोदी के भाई के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस फिर से किया सार्वजनिक ◾कोरोना संकट के बीच, देश में दो महीने बाद फिर से शुरू हुई घरेलू उड़ानें, पहले ही दिन 630 उड़ानें कैंसिल◾देशभर में लॉकडाउन के दौरान सादगी से मनाई गयी ईद, लोगों ने घरों में ही अदा की नमाज ◾उत्तर भारत के कई हिस्सों में 28 मई के बाद लू से मिल सकती है राहत, 29-30 मई को आंधी-बारिश की संभावना ◾महाराष्ट्र पुलिस पर वैश्विक महामारी का प्रकोप जारी, अब तक 18 की मौत, संक्रमितों की संख्या 1800 के पार ◾दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर किया गया सील, सिर्फ पास वालों को ही मिलेगी प्रवेश की अनुमति◾दिल्ली में कोविड-19 से अब तक 276 लोगों की मौत, संक्रमित मामले 14 हजार के पार◾3000 की बजाए 15000 एग्जाम सेंटर में एग्जाम देंगे 10वीं और 12वीं के छात्र : रमेश पोखरियाल ◾राज ठाकरे का CM योगी पर पलटवार, कहा- राज्य सरकार की अनुमति के बगैर प्रवासियों को नहीं देंगे महाराष्ट्र में प्रवेश◾राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने हॉकी लीजेंड पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर के निधन पर शोक व्यक्त किया ◾CM केजरीवाल बोले- दिल्ली में लॉकडाउन में ढील के बाद बढ़े कोरोना के मामले, लेकिन चिंता की बात नहीं ◾अखबार के पहले पन्ने पर छापे गए 1,000 कोरोना मृतकों के नाम, खबर वायरल होते ही मचा हड़कंप ◾महाराष्ट्र : ठाकरे सरकार के एक और वरिष्ठ मंत्री का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव◾10 दिनों बाद एयर इंडिया की फ्लाइट में नहीं होगी मिडिल सीट की बुकिंग : सुप्रीम कोर्ट◾2 महीने बाद देश में दोबारा शुरू हुई घरेलू उड़ानें, कई फ्लाइट कैंसल होने से परेशान हुए यात्री◾हॉकी लीजेंड और पद्मश्री से सम्मानित बलबीर सिंह सीनियर का 96 साल की उम्र में निधन◾Covid-19 : दुनियाभर में संक्रमितों का आंकड़ा 54 लाख के पार, अब तक 3 लाख 45 हजार लोगों ने गंवाई जान ◾देश में कोरोना से अब तक 4000 से अधिक लोगों की मौत, संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 39 हजार के करीब ◾पीएम मोदी ने सभी को दी ईद उल फितर की बधाई, सभी के स्वस्थ और समृद्ध रहने की कामना की ◾केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- निजामुद्दीन मरकज की घटना से संक्रमण के मामलों में हुई वृद्धि, देश को लगा बड़ा झटका ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

अस्पतालों में हड़ताल खत्म काम पर लौटे डॉक्टर

नई दिल्ली : पिछले चार दिनों से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक के खिलाफ चल रही डॉक्टरों की हड़ताल आखिर रविवार को समाप्त हो गई। आज से एम्स सहित दिल्ली के कई अस्पतालों में न सिर्फ इमरजेंसी, बल्कि ओपीडी सेवाएं भी बहाल हो गईं। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि आज स्वास्थ्य सेवाएं वापस पटरी पर लौट आएंगी। 

वहीं चार दिनों बाद अस्पताल ओपीडी बहाल होने की वजह से भीड़ के भी आसार अधिक होंगे। बता दें कि, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार दोपहर को एम्स और सफदरजंग अस्पताल के हड़ताली डॉक्टरों को अपने निवास स्थान पर बुलाकर बैठक की थी। सूत्रों की माने तो हर्षवर्धन ने इस दौरान डॉक्टरों को न सिर्फ खरीखोटी सुनाई भी, बल्कि उन्हें काम पर लौटने की अंतिम चेतावनी भी दी। 

हालांकि इसके साथ ही एनएमसी विधेयक को लेकर डॉक्टरों में गलतफहमी होने का जिक्र करते हुए सरकार की ओर से संशोधन की पूरी न होने की जानकारी भी दी। अंतिम चेतावनी मिलने के बाद सभी डॉक्टरों ने एकसाथ बैठक कर हड़ताल समाप्त कराने का फैसला लिया। दिल्ली एम्स आरडीए अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर ने कहा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि एनएमसी बिल के लोगू होने के दौरान सभी चिकित्सीय संगठन से परामर्श अवश्य लिया जाएगा। इसके अलावा एनएमसी के बोर्ड में एम्स निदेशक की भूमिका भी होगी।

मरीजों की हालत देख कर हड़ताल ली गई वापसः फोर्डा 

फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमेध ने कहा, मरीजों की हालत को देखते हुए ही फिलहाल हड़ताल को समाप्त करने का फैसला लिया गया है। सोमवार से फोर्डा से जुड़े लगभग सभी 20 अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टर काम करेंगे। फोर्डा अब भी एनएमसी बिल के खिलाफ है। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने विधेयक को समर्थन देते हुए बैकपुट पर आ चुके हैं।

बैठक में फैसला : सफदरजंग आरडीए

सफदरजंग अस्पताल की आरडीए के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश ठाकुर का कहना है कि वह सोमवार सुबह नौ बजे एक बैठक करेंगे। जिसके बाद हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। हालांकि रविवार को तीन दिन बाद इमरजेंसी सेवा बहाल हो गई थी।

एम्स में मरीजों का रहा टोटा

राजधानी दिल्ली में पिछले चार दिनों से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल ने देश के सबसे बड़े संस्थान एम्स में सन्नाटा पसार दिया है। रविवार को अस्पताल पूरी तरह खाली दिखा। कभी चलने भर की जगह न मिलने वाले अस्पताल में लोगों को बड़ी ही आसानी से बेड मिल गए।

मरीजों को जबरन निकाल दिया था बाहर

रेजीडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की वजह से पहले से भर्ती मरीजों के साथ बहुत गलत बर्ताव किया गया था। आलम ये रहा कि हड़ताल का हवाला देकर लगभग सभी मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। सफदरजंग अस्पताल के 800 बेड वाले वार्ड में केवल 15 मरीज ही भर्ती मिली। एम्स के ट्रामा सेंटर में भी आमदिनों की भांति रविवार को कुछ ही मरीज नजर आए थे।