पश्चिमी दिल्ली : दिल्ली में तेल रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के कारण कई घरों के चिराग बुझ जाते हैं जिनमें डीटीसी और कलस्टर बसें भी पीछे नहीं हैं। पिछले चार साल में इन बसों के कारण 170 लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं (डीटीसी बसों से 103 और कलस्टर से 67), यातायात मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार साल 2015 से 15 अक्तूबर 2018 तक डीटीसी और कलस्टर बसों से 735 दुर्घटनाएं हुईं जिनमें डीटीसी की बसों ने 495 और कलस्टर बसों ने 240 दुर्घटनाओं को अंजाम दिया।

इन दुर्घटनाओं के लिए जहां वाहन चालकों की लापरवाही जिम्मेदार है वहीं बस लेन पर खड़े वाहन और मेन सड़कों पर बेट्री रिक्शा एवं डग्गामार वाहन भी एक कारण हैं। आरटीआई कार्यकर्ता संजय डबास ने 2015 से 2018 के बीच डीटीसी और कलस्टर बसों से दुर्घटनाओं और उनसे हुई मृत्यु के बारे में जानकारी मांगी थी। जानकारी के अनुसार साल 2015 में डीटीसी बसों के द्वारा 151 एक्सीडेंट हुए और इसमें कुल 34 लोगों की जान गई एवं क्लस्टर बसों से 60 एक्सीडेंट हुए और इसमें 26 लोगों की मृत्यु हुई, साल 2016 में 130 एक्सीडेंट डीटीसी की बसों से हुए व इसमें 33 लोगों की मौत एवं क्लस्टर बसों के 53 एक्सीडेंट ने 12 लोगों की जान ली।

साल 2017 में डीटीसी की बसों ने 139 एक्सीडेंट किए और 28 लोगों की जान ली वहीं क्लस्टर बसों से 67 एक्सीडेंट में 14 लोगों की जान गई। इसी क्रम में साल 2018 में 15 अक्टूबर तक डीटीसी बसों के द्वारा 75 एक्सीडेंट हुए और 8 लोगों की मौत हुई तथा क्लस्टर बसों से 60 एक्सीडेंट हुए और 15 लोगों की जान गई।

डीटीसी कर्मियों का गहलोत के आवास पर प्रदर्शन