पूर्वी दिल्ली : अभी तक केंद्र सरकार भी जब स्किल डेवलपमेंट के बारे में सोचती है तो सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी को कुर्सी बनाने वाले के साथ खड़ा कर देती है, लेकिन हमने इस सोच को आगे बढ़ाया है। हम मानते हैं कि स्किल का मतलब प्लंबिंग और वेल्डिंग के साथ ही बैंकिंग, फैशन टेक्नोलॉजी, हॉस्पिटलिटी, रिटेल सर्विस और डिजिटल मॉर्केटिंग भी है। यह कहना है दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का। विवेक विहार स्थित वर्ल्ड क्लास स्किल सेंटर में छह और सेंटरों का उद्घाटन करते हुए उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार इनके नामांकन फॉर्म ऑनलाइन मिलने लग जाएंगे।

इस अवसर पर सिसोदिया ने बताया कि 1000 सीटों वाले विवेक विहार सेंटर में सौ प्रतिशत नामांकन और सौ प्रतिशत प्लेसमेंट है। देश में ऐसा स्किल सेंटर किसी भी राज्य में नहीं है। साकेत, द्वारका, रजोकरी, वजीरपुर, झंडेवालान और पूसा नए सेंटरों के खुलने के बाद इनमें 720 सीटों की सुविधा बढ़ जाएगी। इन सेंटरों पर साल में दो बार आवेदन किए जा सकेंगे। आगामी अगस्त महीने तक 19 और ऐसे सेंटर खोले जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने इसे शिक्षा का भविष्य करार देते हुए बताया कि अब छात्रों को दो-चार महीने के प्लंबिंग और वेल्डिंग का कोर्स कराने से नौकरियां नहीं मिलेंगी।

अब उन्हें भी सिखाना होगा और इसके साथ ही उनके पर्सनालिटी और कम्युनिकेशन पर भी काम करना पड़ेगा। इसीलिए उन्होंने इसे एक साल का कोर्स बनाया है। उनका कहना है कि वह इसमें एंटरप्रेन्योरशिप जोड़ने का प्रयास करें, ताकि यहां के छात्र नौकरी मांगने वाले के बजाए, नौकरी देने वाले बनें। वे इसे स्कूलों से लेकर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचाना चाहते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने बताया कि उन्हें इस बात का फक्र है कि ऐसा पहला वर्ल्ड क्लास सेंटर उनके विधानसभा में है।

जिसके बच्चे कपड़ों और टेक्नोलॉजी में हीरो लगते हैं। उन्हें इस बात का गौरव है कि इसके साथ ही दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी का पूर्वी दिल्ली कैंपस भी उनके ही विधानसभा में है, जिसमें एमबीए की पढ़ाई भी शुरू हो गई है। वहीं सूरजमल विहार में आईपी यूनिवर्सिटी की इमारत बनने के बाद पूर्वी दिल्ली भी उच्च शिक्षा संस्थानों के मामले में उत्तरी और दक्षिणी के बराबरी पर आ जाएगी।